नींद का पैटर्न बिगड़ने पर दिखते हैं ऐसे लक्षण, हावी होती है ये समस्या
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नींद का पैटर्न बिगड़ने पर दिखते हैं ऐसे लक्षण, हावी होती है ये समस्या

स्लीप पैटर्न अगर गड़बड़ा जाए तो इसका असर आपकी पूरी सेहत पर पड़ता है। यानी आपके ब्रेन से लेकर स्किन तक इसका असर दिखता है। फोकस में कमी हो जाती है स्किन डल दिखती है


नींद हमारी सेहत का एक अहम हिस्सा है। यह शरीर और दिमाग को आराम देती है और हमें अगले दिन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद के साइकिल में गड़बड़ी होना आम बात है। क्या आपको भी रातभर नींद न आने की समस्या है? क्या आप सुबह उठने पर थका हुआ महसूस करते हैं? अगर हां... तो यह लेख आपके लिए है।

नींद चक्र में गड़बड़ी का मतलब क्या है?

नींद चक्र वह प्रक्रिया है, जिसमें हमारा शरीर और दिमाग पूरी रात कई चरणों से गुजरते हैं, जैसे हल्की नींद, गहरी नींद और REM (रैपिड आई मूवमेंट) नींद। इन सभी चरणों का अपना-अपना महत्व है, और इनका सही ढंग से होना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है। लेकिन जब इसमें गड़बड़ी होती है, तो शरीर इन चरणों से सही तरीके से नहीं गुजर पाता और हमें महसूस होती है- निरंतर थकावट, मानसिक तनाव और शारीरिक समस्याएं।

नींद चक्र में गड़बड़ी के कारण

तनाव और चिंता

मानसिक तनाव और चिंता नींद को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। जब दिमाग में निरंतर विचार चलते रहते हैं, तो शरीर को सही तरीके से आराम नहीं मिलता और नींद में खलल पड़ता है।

सोने का नियत समय ना होना

कभी देर रात तक जागना, कभी जल्दी सो जाना- इस तरह की असमानी नींद आदतें शरीर की प्राकृतिक रिदम को तोड़ देती हैं। इससे नींद चक्र में गड़बड़ी होती है और हम पूरी रात की गहरी नींद से वंचित रह जाते हैं।

ज्यादा स्क्रीन टाइम

आजकल हम सब अपने स्मार्टफोन्स और कंप्यूटर स्क्रीन के सामने ज्यादा वक्त बिता रहे हैं। खासकर रात को सोने से पहले स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से नीली रोशनी (Blue Light) मस्तिष्क के मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को कम कर देती है, जो नींद को नियंत्रित करता है। इसका सीधा असर हमारी नींद पर पड़ता है।

कैफीन और शराब का सेवन

कैफीन और शराब नींद के गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। देर रात इनका सेवन करने से शरीर में रुकावट आती है और हम गहरी नींद में नहीं जा पाते।

नींद चक्र में गड़बड़ी के असर

अगर आप भी नींद चक्र में गड़बड़ी का सामना कर रहे हैं, तो इसके असर से बचने के लिए आपको इसकी गंभीरता को समझना जरूरी है। नींद की कमी या गड़बड़ी का शरीर और दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ता है:

प्रोडक्टिविटी में कमी होना

पर्याप्त नींद के बिना, हम खुद को मानसिक रूप से थका हुआ और बेदम महसूस करते हैं। ध्यान केंद्रित करने, किसी काम में पूरी तरह से सक्रिय रहने और तर्क करने की क्षमता पर भी असर पड़ता है।

इम्युनिटी कमजोर होना

गहरी नींद शरीर की कोशिकाओं की प्राकृतिक मरम्मत (Repairing) और पुनर्निर्माण (Reproduction) की प्रक्रिया का हिस्सा होती है। नींद की गड़बड़ी से यह प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और हम बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

मूड स्विंग्स और मानसिक तनाव

नींद की कमी से मूड स्विंग्स, तनाव और चिंता जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके कारण, हम अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में कठिनाई महसूस करते हैं और अक्सर चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं।

वजन बढ़ना

नींद का सीधे तौर पर वजन बढ़ने से भी संबंध है। नींद की कमी के कारण, भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे ज्यादा खाने की इच्छा होती है और वजन बढ़ने लगता है।

हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव

अगर आपको लगातार नींद की कमी हो रही है, तो इसका प्रभाव आपके हृदय स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। रक्तचाप, दिल की बीमारियों और स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

कैसे सुधारें नींद चक्र को?

अब सवाल ये उठता है कि हम अपने नींद चक्र को कैसे सुधार सकते हैं? आइए जानते हैं कुछ आसान और प्रभावी उपाय...

नींद का समय निश्चित करें: हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। इससे शरीर की आंतरिक घड़ी ठीक रहती है और नींद में कोई गड़बड़ी नहीं होती।

स्क्रीन टाइम कम करें: सोने से कम से कम 30 मिनट पहले फोन और कंप्यूटर का उपयोग बंद कर दें। यह आपके मस्तिष्क को शांत करने में मदद करेगा और नींद में सुधार होगा।

आरामदायक सोने का माहौल बनाएं: सुनिश्चित करें कि आपका बेडरूम शांत, अंधेरा और ठंडा हो। अगर जरुरत हो, तो एयर प्यूरीफायर या आई मास्क का उपयोग करें।

कैफीन और शराब से बचें: सोने से पहले कैफीन और शराब का सेवन करने से बचें, क्योंकि यह नींद में खलल डाल सकते हैं।

तनाव कम करें: योग, ध्यान, गहरी सांस लेने की तकनीकें, या हल्की एक्सरसाइज करने से तनाव कम होता है और नींद बेहतर होती है।

नींद चक्र की गड़बड़ी से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है बल्कि मानसिक स्थिति पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। समय रहते इसे ठीक करना जरूरी है। सही नींद के आदतों को अपनाकर हम अपने शरीर की स्वाभाविक रिदम को बनाकर रख सकते हैं और बेहतर स्वास्थ्य पा सकते हैं। इसलिए अपनी नींद की प्राथमिकता दें। क्योंकि अच्छी नींद ही सबसे अच्छा इलाज है!

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