
'दौर बदलने पर हिसाब तुम भी चुकाओगे', केजरीवाल ने किसे दी रहस्यमयी चेतावनी?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट के जरिए चेतावनी दी है कि वक्त बदलने पर 'जुल्म' का हिसाब चुकता किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी बेबाक राजनीति और सीधे प्रहारों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार केजरीवाल ने कुछ ऐसा किया है जिसने दिल्ली की सियासत से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। आमतौर पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार का नाम लेकर हमला करने वाले केजरीवाल ने इस बार एक 'रहस्यमयी' अंदाज अपनाया है।
क्या है वो पोस्ट जिसने बढ़ाई हलचल?
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर महज दो लाइनें लिखीं, लेकिन उनके मायने बहुत गहरे निकाले जा रहे हैं। उन्होंने लिखा: "दौर बदलने पर हिसाब तुम भी चुकाओगे। जुल्म इतना ही करना जितना सह पाओगे।"
इस पोस्ट के सामने आते ही कयासों का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आखिर केजरीवाल किसे 'हिसाब' चुकाने की चेतावनी दे रहे हैं? बिना किसी का नाम लिए और बिना कोई सीधा संकेत दिए, केजरीवाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह वर्तमान परिस्थितियों को 'जुल्म' के तौर पर देख रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में 'दौर' बदलेगा।
नाम लेने से क्यों बचे केजरीवाल?
राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर हैरान हैं कि जो केजरीवाल कोर्ट से लेकर जनसभाओं तक केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते रहे हैं, उन्होंने इस बार नाम लेने से परहेज क्यों किया? क्या यह उनकी नई रणनीति का हिस्सा है या फिर वह किसी खास अधिकारी या एजेंसी की कार्रवाई से आहत हैं? पिछले कुछ समय में कथित शराब घोटाले में ट्रायल कोर्ट से राहत मिलने के बाद केजरीवाल का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन साथ ही एजेंसियों का शिकंजा भी कसता जा रहा है।
ED के साथ तेज होती कानूनी जंग
केजरीवाल की इस पोस्ट का समय बेहद अहम है। यह चेतावनी तब आई है जब उनके और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच कानूनी लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। ED ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें केजरीवाल को समन की तामील न करने के दो मामलों में आरोपमुक्त कर दिया गया था।
ED का आरोप है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन का उल्लंघन किया और जांच में शामिल नहीं हुए। वहीं, निचली अदालत ने कहा था कि ED यह साबित नहीं कर पाई कि यह उल्लंघन जानबूझकर किया गया था। अब इस मामले की सुनवाई बुधवार को होनी है। माना जा रहा है कि एजेंसियों के इसी बढ़ते दबाव के बीच केजरीवाल का यह 'शायराना' गुस्सा बाहर आया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ा महायुद्ध
केजरीवाल की इस पोस्ट पर यूजर्स भी दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ लोग उनके इस साहसी अंदाज की तारीफ कर रहे हैं और इसे 'सच्चाई की जीत' का संकेत बता रहे हैं, तो वहीं विपक्षी समर्थक इसे उनकी 'हताशा' करार दे रहे हैं।
फिलहाल केजरीवाल पंजाब, गुजरात और गोवा में पार्टी के विस्तार में जुटे हैं। लेकिन दिल्ली की सत्ता से बाहर रहने के बावजूद उनका एक-एक शब्द राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा असर डालता है। अब देखना यह होगा कि केजरीवाल का यह 'हिसाब' लेने वाला दौर कब आता है और उनके इस निशाने के पीछे असली चेहरा किसका है।

