ईरान से गलत व्यवहार का परिणाम है LPG संकट, बोलीं डिंपल यादव
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भारत-ईरान रिश्तों और गैस संकट पर डिंपल यादव का बयान

ईरान से गलत व्यवहार का परिणाम है LPG संकट, बोलीं डिंपल यादव

डिंपल यादव ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान के साथ किया गया व्यवहार उचित नहीं था। उनके अनुसार, LPG की कमी इसी का परिणाम है...


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समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि ईरान के साथ भारत के दशकों पुराने मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। उनका कहना है कि इसी कारण देश में एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए यह बात कही।

डिंपल यादव ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान के साथ किया गया व्यवहार उचित नहीं था। उनके अनुसार, इसी का परिणाम है कि देश में एलपीजी की कमी देखने को मिल रही है और लोगों को एक महीने पहले बुकिंग कराने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि ईरान के साथ लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं, फिर भी सरकार ने कोई ठोस स्टैंड नहीं लिया, जिसका असर सप्लाई पर पड़ा है।

उन्होंने कहा, “ईरान हमारा लंबे समय से मित्र रहा है। वहां के साथ जो व्यवहार हुआ है, उसी का असर है कि हमें एलपीजी संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोग एक महीने पहले बुकिंग करने के बाद भी सिलेंडर नहीं पा रहे हैं। अब सर्वदलीय बैठक में देखा जाएगा कि सरकार इस पर क्या पक्ष रखती है।”

महिला आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी समेत सभी विपक्षी दल सरकार से स्पष्ट एजेंडा जानना चाहते हैं। उनका कहना था कि जब तक पूरी जानकारी नहीं दी जाएगी, तब तक कोई ठोस राय देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बैठक में सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही आगे की प्रतिक्रिया दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अपनी पूरी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए और बिंदुवार जानकारी देनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि महिला आरक्षण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग कोटा होगा या नहीं। उन्होंने इस विषय पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की।

गौरतलब है कि सरकार ने ईरान से जुड़े मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें वहां की स्थिति के साथ-साथ एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर भी चर्चा की जाएगी। विपक्ष की मांग है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वयं मौजूद रहें।

इधर, देशभर में गैस आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। जमाखोरी के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके तहत दिल्ली में एक रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है और एक एजेंट के पास से 183 सिलेंडर बरामद किए गए हैं। वहीं, केवाईसी सत्यापन को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके चलते लखनऊ में 1.10 लाख से अधिक और पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 20 लाख एलपीजी कनेक्शन अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिए गए हैं। राज्य में कुल लगभग 4.87 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। गैस कंपनियां ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने नौ महीने या उससे अधिक समय से सिलेंडर बुक नहीं कराया है।


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