प्रवेश वर्मा ने फिर छेड़ा शीश महल का राग,  किसे बताया दिल्ली का रहमान डकैत ?
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प्रवेश वर्मा ने फिर छेड़ा शीश महल का राग, किसे बताया 'दिल्ली का रहमान डकैत' ?

मंत्री प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का डकैत बताया। उन्होंने शीशमहल में लगे करोड़ों के लग्जरी सामान और CAG रिपोर्ट पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए ।


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Delhi's BJP Government On AAP's Sheeshmahal : दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने केजरीवाल को 'दिल्ली का डकैत' करार दिया है। वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो का शीर्षक 'धुरंधर पार्ट-3: दिल्ली के रहमान डकैत की कहानी' रखा गया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने भरोसे का चेहरा दिखाया। उन्होंने जनता का खजाना अपने सपनों के 'शीशमहल' में लगा दिया। प्रवेश वर्मा के अनुसार यह आवास भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना है। उन्होंने केजरीवाल पर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने का गंभीर आरोप लगाया है। यह बयान दिल्ली की राजनीति में बड़ा भूचाल लेकर आया है।



विधानसभा में गूंजा भ्रष्टाचार का मुद्दा:
दिल्ली विधानसभा में बुधवार को इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई। सदन में पूर्व मुख्यमंत्री के आवास को लेकर CAG रिपोर्ट रखी गई। लोक लेखा समिति के निष्कर्षों पर चर्चा के दौरान प्रवेश वर्मा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने विधानसभा में भ्रष्टाचार के सबूत पेश करने का दावा किया। मंत्री ने कहा कि यह आवास इसी अहंकार में बना था। केजरीवाल को लगा कि उन्हें कोई चुनाव नहीं हरा पाएगा। लेकिन दिल्ली की जनता अब 'धुरंधर' बनकर जवाब दे रही है। उन्होंने सदन में लग्जरी सामानों की एक बहुत लंबी सूची भी पेश की।

फाइलों पर 'मोस्ट अर्जेंट' का खेल:
प्रवेश वर्मा ने पिछले 11 वर्षों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं की फाइलें रुकी रहीं। सीवर लाइन और पानी की पाइपलाइन कभी जरूरी नहीं समझी गई। कोविड काल के दौरान भी दिल्ली की जनता बहुत परेशान थी। तब अस्पतालों और ऑक्सीजन के लिए 'मोस्ट अर्जेंट' नहीं लिखा गया। आईसीयू बेड बढ़ाने वाली फाइलों को भी प्राथमिकता नहीं मिली। पूरे कार्यकाल में केवल एक फाइल पर 'मोस्ट अर्जेंट' लिखा गया। वह फाइल केवल 'शीशमहल' के निर्माण से जुड़ी हुई थी। जनता के जरूरी कामों को पूरी तरह किनारे कर दिया गया।

टेंडर और निर्माण में बड़ी धांधली:
मंत्री ने टेंडर प्रक्रिया में भी गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए। शुरुआत में यह परियोजना केवल 7.50 करोड़ रुपये की थी। बाद में इसे अवैध रूप से बढ़ाकर 55 करोड़ रुपये कर दिया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार के पास इतनी क्षमता नहीं थी। वर्ष 2021 में जब पूरी दिल्ली में कर्फ्यू लगा था। फैक्ट्रियां और सभी जरूरी कामकाज पूरी तरह से बंद थे। उस समय भी 'शीशमहल' का निर्माण कार्य एक दिन नहीं रुका। मंत्री ने आरोप लगाया कि निर्माण के लिए अवैध रूप से पेड़ भी काटे गए। इसके लिए वन विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

लग्जरी और ऐशो-आराम पर करोड़ों का खर्च:
प्रवेश वर्मा ने घर के अंदर लगे सामानों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि जिम की एक ट्रेडमिल 14 लाख रुपये की है। डम्बल सेट पर भी करीब 3 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। घर में कुल 11 टीवी लगाए गए जिनकी कीमत करोड़ों में है। तीन टीवी सेट अकेले 27 लाख रुपये के खरीदे गए। डाइनिंग टेबल की कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई है। इस टेबल पर 28 लोग एक साथ बैठ सकते हैं। पूरे आवास में 50 एयर कंडीशनर लगाए गए हैं। मंत्री ने दावा किया कि 'शीशमहल पार्ट-2' का काम भी शुरू हो गया था।

करोड़ों का फर्नीचर और साज-सज्जा:
आवास के फर्नीचर पर भी बेहिसाब पैसा खर्च किया गया है। 76 टेबल के लिए 1 करोड़ 5 लाख रुपये का भुगतान हुआ। 8 लग्जरी बेड पर 40 लाख रुपये खर्च किए गए। कुर्सियों पर 60 लाख और कंसोल पर 50 लाख रुपये लुटाए गए। मंत्री के मुताबिक घर के पर्दों पर 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए। कारपेट और पफी पर भी 60 लाख रुपये खर्च किए गए। 12 लाख रुपये के इलेक्ट्रिकल आइटम और 14 लाख की सीलिंग फिटिंग्स लगीं। मंत्री ने केजरीवाल को भ्रष्टाचार में डूबा हुआ नेता बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता इस लूट को कभी नहीं भूलेगी।


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