Delhi Budget 2026: सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया रिकॉर्ड बजट, जानिए किस सेक्टर को क्या मिला?
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Delhi Budget 2026: सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया रिकॉर्ड बजट, जानिए किस सेक्टर को क्या मिला?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का दिल्ली बजट पेश किया है। इस बजट में 21% हिस्सा पर्यावरण संरक्षण (ग्रीन बजट) के लिए आवंटित किया गया है।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया। ये दिल्ली के लिए अभी तक का सबसे बजट है, इसी वजह से इसे रिकॉर्ड बजट कहा जा रहा है। इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'ग्रीन' विजन और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर जोर है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि दिल्ली को एक आधुनिक, स्वच्छ और विकसित वैश्विक शहर बनाने का रोडमैप है।

राजस्व और खर्च का गणित

बजट के वित्तीय ढांचे को देखें तो सरकार को 74,000 करोड़ रुपये टैक्स से और 900 करोड़ रुपये नॉन-टैक्स राजस्व से मिलने की उम्मीद है। बाकी की जरूरतों को केंद्र सरकार की मदद, बाजार से लिए गए ऋण और पिछले बैलेंस से पूरा किया जाएगा। खास बात यह है कि बजट का 29.7% हिस्सा पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) यानी नए निर्माण कार्यों पर खर्च होगा, जो भविष्य के विकास के लिए शुभ संकेत है।

पर्यावरण और 'ग्रीन बजट' पर दांव

प्रदूषण की मार झेल रही दिल्ली के लिए इस बार 'ग्रीन बजट' पर विशेष फोकस रखा गया है। कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा हरित परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के लिए सुरक्षित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाकर एक 'इको-फ्रेंडली' राजधानी के रूप में विकसित किया जाए।

MCD और बुनियादी ढांचे का कायाकल्प

दिल्ली नगर निगम (MCD) को 11,666 करोड़ रुपये का बड़ा आवंटन देकर सरकार ने साफ कर दिया है कि स्थानीय सफाई और सुविधाओं में सुधार उनकी प्राथमिकता है। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) को 5,921 करोड़ और शहरी विकास के लिए 7,887 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कच्ची कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ और यमुना विकास बोर्ड के लिए 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

सड़कों का जाल और ट्रैफिक से आजादी

दिल्ली की सड़कों को गड्ढा मुक्त और जाम मुक्त बनाने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। 750 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 1,392 करोड़ और अतिरिक्त 1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए अलग से 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही, दिल्ली को 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए 3,942 करोड़ और बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव

स्वास्थ्य के लिए 12,645 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार दिल्ली में 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने जा रही है, जिसके लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। एक समावेशी कदम उठाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के दायरे में लाने के लिए 202 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

अंत में, दमकल विभाग को 674 करोड़ रुपये देकर सुरक्षा के आधुनिक उपकरण खरीदने और नए केंद्र बनाने का संकल्प लिया गया है। कुल मिलाकर, रेखा गुप्ता सरकार का यह बजट दिल्ली के हर वर्ग को छूने और शहर की सूरत बदलने की एक गंभीर कोशिश है।


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