
दिल्ली आर्थिक सर्वे: ₹5.1 लाख पहुंची प्रति व्यक्ति आय, सबसे आगे दिल्ली
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पेश किया दिल्ली का आर्थिक सर्वेक्षण। ₹13.27 लाख करोड़ का GSDP और परिवहन क्षेत्र को 20% बजट। जानें दिल्ली की इकोनॉमी की पूरी रिपोर्ट।
Delhi's Budget : दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26' की रिपोर्ट सदन में पेश की। यह सर्वे दिल्ली की मजबूत आर्थिक स्थिति का दावा करता है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 5.1 लाख रुपये होने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 2.5 गुना अधिक है। दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 9.4 प्रतिशत की शानदार वार्षिक वृद्धि दर के साथ 13.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य रख रहा है। दिल्ली की इस प्रगति में सेवा क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है, जिसका योगदान 86 प्रतिशत से भी अधिक है। ₹1 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट के बावजूद सरकार ने रेवेन्यु सरप्लस बनाए रखा है।
परिवहन: इलेक्ट्रिक बसें और मेट्रो का 'फेज-IV' विस्तार
राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए बजट का सबसे बड़ा हिस्सा (20%) आवंटित किया गया है।
इलेक्ट्रिक क्रांति: मार्च 2026 तक दिल्ली की सड़कों पर 4,300 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं, जो प्रदूषण कम करने में सहायक हैं।
मेट्रो नेटवर्क: दिल्ली मेट्रो का वर्तमान 352 किमी का नेटवर्क 'फेज-IV' पूरा होने के बाद 463 किमी तक फैल जाएगा।
महिला सशक्तिकरण: 'पिंक टिकट' यानी मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत साल भर में महिलाओं द्वारा 56 करोड़ से अधिक यात्राएं की गई हैं।
ऊर्जा और जल: 100% कवरेज का कीर्तिमान
दिल्ली ने शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का गौरव हासिल कर लिया है। भीषण गर्मी के दौरान रिकॉर्ड 8442 मेगावाट की बिजली मांग को बिना किसी बड़े संकट के पूरा किया गया। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा (सौर और कचरे से बिजली) की क्षमता बढ़कर 509 मेगावाट हो गई है। जल आपूर्ति के क्षेत्र में, 93.5 प्रतिशत घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है और 20 किलोलीटर मुफ्त पानी की योजना निरंतर जारी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: साक्षरता में राष्ट्रीय मिसाल
दिल्ली की साक्षरता दर 86.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार का नतीजा है कि यहाँ पास प्रतिशत 97-98% के बीच बना हुआ है। स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करें, तो दिल्ली का शिशु मृत्यु दर (IMR) गिरकर 14 रह गया है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर स्थिति है। राजधानी में 90 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क जनता को मुफ्त और सुलभ इलाज दे रहा है।
पर्यावरण: बढ़ता हरित क्षेत्र और सीवेज ट्रीटमेंट
वायु प्रदूषण की चुनौतियों के बीच दिल्ली का 'फॉरेस्ट और ट्री कवर' बढ़कर 25.04 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 53.7 लाख नए पौधे लगाए गए हैं। सरकार के प्रयासों से 'अच्छे' और 'संतोषजनक' AQI वाले दिनों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा, सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाकर 764 MGD कर दिया गया है, जो यमुना नदी की सफाई के संकल्प को मजबूती देता है।
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