दिल्लीवालों को अप्रैल में लगेगा ज़ोर का झटका, बढ़ सकते हैं बिजली के दाम, जानिए क्या है सरकार का प्लान?
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दिल्लीवालों को अप्रैल में लगेगा ज़ोर का झटका, बढ़ सकते हैं बिजली के दाम, जानिए क्या है सरकार का प्लान?

दिल्ली में अप्रैल 2026 से बिजली की दरें बढ़ने की संभावना है। हालांकि, दिल्ली सरकार उपभोक्ताओं को इस बढ़ोतरी से बचाने के लिए सब्सिडी देने पर विचार कर रही है ताकि जनता पर आर्थिक बोझ न बढ़े।


दिल्ली के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो आने वाले अप्रैल महीने से आपके बिजली के बिल में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। दिल्ली सरकार तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) BRPL, BYPL और TPDDL के लगभग 38,000 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की तैयारी कर रही है। हालांकि, सरकार का कहना है कि वह उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले इस बोझ को कम करने के लिए सब्सिडी का सहारा लेगी।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

बिजली की दरों में इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण 'रेगुलेटरी एसेट्स' (Regulatory Assets) का भुगतान है। सरल भाषा में कहें तो, यह वह खर्च है जो बिजली कंपनियां बिजली सप्लाई करने में पहले ही कर चुकी हैं, लेकिन पिछले एक दशक में दिल्ली में बिजली की दरों में कोई बड़ी बढ़ोतरी न होने के कारण वे इसे वसूल नहीं पाईं। आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान दरों को स्थिर रखा गया, जिससे यह बकाया राशि और उस पर लगने वाला ब्याज (Carrying Cost) लगातार बढ़ता गया। पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि दिल्ली की तीनों डिस्कॉम को उनके 27,200 करोड़ रुपये के बकाया (ब्याज सहित) का भुगतान अगले सात वर्षों में किया जाए।

कितना है कुल बकाया?

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने हाल ही में अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) को सूचित किया है कि दिल्ली में कुल रेगुलेटरी एसेट्स अब बढ़कर 38,552 करोड़ रुपये हो गए हैं। इसमें शामिल हैं:

BRPL (BSES Rajdhani): 19,174 करोड़ रुपये

BYPL (BSES Yamuna): 12,333 करोड़ रुपये

TPDDL (Tata Power): 7,046 करोड़ रुपये

देरी के कारण इस राशि पर ब्याज भी बढ़ता जा रहा है, जिससे बिजली कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है। कोर्ट ने DERC को एक रिकवरी प्लान बनाने और देरी के कारणों की जांच के लिए ऑडिट करने का भी निर्देश दिया है।

बिल पर क्या होगा असर?

अधिकारियों के अनुसार, इस बकाया राशि की वसूली बिजली के बिलों में 'रेगुलेटरी एसेट सरचार्ज' (Regulatory Asset Surcharge) को बढ़ाकर की जा सकती है। यह वसूली अगले सात सालों तक चरणबद्ध तरीके से होगी। इसका सीधा मतलब है कि हर महीने आने वाले आपके बिजली बिल में सरचार्ज की राशि बढ़ जाएगी, जिससे कुल बिल ज्यादा आएगा।

राहत की उम्मीद: सरकार देगी सब्सिडी?

दिल्ली सरकार स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सरकार बिजली की दरों में होने वाली इस बढ़ोतरी को सब्सिडी के जरिए कवर करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता की जेब पर सीधा और भारी असर न पड़े। पिछले साल मार्च में दिल्ली के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री ने भी संकेत दिया था कि डिस्कॉम को बकाया वसूली का अधिकार है, जिससे दरों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

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