
नोएडा हिंसा में 'बड़ी साजिश' का शक: 50 हिरासत में, STF खंगाल रही डेटा
नोएडा में 42 हजार श्रमिकों के प्रदर्शन में बाहरी तत्वों की घुसपैठ; 24 घंटे में बने 50 संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल्स पर FIR, एसटीएफ खंगाल रही डिजिटल ट्रेल।
Noida Unrest : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी को लेकर भड़की हिंसा ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। सोमवार को हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय ने इसे महज एक श्रमिक असंतोष मानने से इनकार कर दिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि 42 हजार श्रमिकों के इस प्रदर्शन को एक सुनियोजित साजिश के तहत हिंसक बनाया गया। जांच में सामने आया है कि इस भीड़ में अन्य जनपदों से आए बाहरी तत्व शामिल थे, जिनका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक शांति को भंग करना था। अब तक 50 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि डिजिटल स्पेस में सक्रिय 'अदृश्य' चेहरों की पहचान के लिए एसटीएफ (STF) को मोर्चे पर लगा दिया गया है।
साजिश के आरोप पर अखिलेश यादव का तीखा हमला
नोएडा में हुई इस हिंसा और सरकार द्वारा इसे 'साजिश' बताए जाने पर सियासत भी गरमा गई है। सुल्तानपुर पहुंचे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार झूठ बोलने में नंबर वन है। उन्होंने मुख्यमंत्री के साजिश वाले दावे पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर यह वास्तव में एक साजिश है, तो क्या उनकी खुफिया इकाई (Intelligence Wing) भी उनके साथ बंगाल में चुनाव प्रचार करने चली गई थी? 'साजिश' का लेबल लगाकर वे केवल अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।"
#WATCH Sultanpur, Uttar Pradesh: On violent protest by employees of a company in Noida Phase 2, SP chief Akhilesh Yadav says, "The Uttar Pradesh government ranks number one when it comes to lying... The Chief Minister claims that this is a conspiracy, but if it truly is a… pic.twitter.com/Adu6r4OCPw
— ANI (@ANI) April 13, 2026
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि आज की कमरतोड़ महंगाई को देखते हुए मजदूरों का अपनी मांगों के साथ आगे आना स्वाभाविक है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मजदूरों के साथ संवाद के लिए जो कमेटी आज बनाई गई है, उसका गठन बहुत पहले किया जा सकता था। अखिलेश यादव के इस बयान ने इस पूरे मुद्दे को अब 'सरकार बनाम विपक्ष' की लड़ाई में तब्दील कर दिया है।

