
प्रयागराज हादसा: कोल्ड स्टोरेज की छत गिरने से 4 की मौत, सपा नेता पर उठे सवाल
फाफामऊ में जर्जर कोल्ड स्टोरेज ढहने से 4 मजदूरों की मौत और अमोनिया गैस का भारी रिसाव। पूर्व मंत्री अंसार अहमद के इस स्टोरेज में मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
Roof Collapse And Ammonia Leakage At PrayagRaj : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार को एक भीषण हादसा हो गया, जब फाफामऊ के चांदपुर इलाके में एक जर्जर कोल्ड स्टोरेज की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर गया। इस मलबे के नीचे दबने से अब तक 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि करीब 20 अन्य के अभी भी फंसे होने की आशंका है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कोल्ड स्टोरेज में यह तबाही मची है, वह समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद पहलवान का बताया गया है। छत गिरने के तुरंत बाद वहां लगे अमोनिया टैंक से जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे पूरे इलाके में दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो गई है। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों को मलबे के साथ-साथ इस जानलेवा गैस से भी जूझना पड़ रहा है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि जर्जर घोषित होने के बावजूद इस इमारत में काम क्यों जारी था।
अमोनिया गैस का रिसाव और रेस्क्यू की चुनौतियां
छत गिरने के बाद शुरू हुआ गैस रिसाव इतना तेज था कि आसपास के निवासियों को सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी। पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार के मुताबिक, एनडीआरएफ (NDRF) की टीम वाराणसी से बुलाई गई है, जबकि एसडीआरएफ (SDRF) की तीन टीमें और फायर ब्रिगेड लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। गैस के प्रभाव को कम करने के लिए पानी की बौछारें की जा रही हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए क्रेन और कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन गैस की गंध के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आ रही है।
मजदूरों का गुस्सा और पुलिस की कार्रवाई
हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि मालिक की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। गुस्से में आए मजदूरों ने मौके पर पहुंची एंबुलेंस पर पथराव कर दिया और जमकर हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है। पूर्व मंत्री अंसार अहमद के इस कोल्ड स्टोरेज की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
पीएम और सीएम ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे पर दुख जताते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
अस्पतालों में भर्ती घायलों की स्थिति
अब तक 12 घायल मजदूरों को एसआरएन मेडिकल कॉलेज और बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा खुद मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। डॉक्टरों की टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि अमोनिया गैस के संपर्क में आने के कारण कई मजदूरों के फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। प्रशासन अब इस पूरी लापरवाही की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

