
देवेंद्र फडणवीस ने छोटे से नागपुर नेता से राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के निर्णायक खिलाड़ी तक का सफर तय किया है। उनकी रणनीति, धैर्य और राजनीतिक कौशल ने बीजेपी को महाराष्ट्र में लगातार जीत दिलाई है। अब यह देखना बाकी है कि क्या फडणवीस 2029 के बाद दिल्ली की राह पकड़ेंगे?
महाराष्ट्र में हाल ही में हुए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की जबरदस्त जीत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। 15 जनवरी को हुए मतदान में राज्य की 29 नगर निगमों में से 25 में अकेले पार्टी को जीत दिलाने वाले फडणवीस ने एक सधे रणनीतिकार के रूप में अपनी छवि और मजबूत की है। यह प्रदर्शन 2024 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की शानदार जीत के बाद आया था। उस समय बीजेपी और उसके सहयोगी, मुख्य रूप से एकनाथ शिंदे की नेतृत्व वाली शिवसेना ने 288 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 236 सीटें हासिल की थीं। इनमें से बीजेपी ने 131 सीटें और शिवसेना ने 57 सीटें जीती थीं।
इसके बाद पार्टी ने ग्राम पंचायत, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भी विपक्ष को पीछे छोड़ दिया। नवीनतम नगर निगम चुनावों में बीजेपी ने कुल 2,869 सीटों में से 1,425 सीटें जीतीं। खास बात यह रही कि इस जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जैसे स्टार प्रचारकों ने चुनावी रैली नहीं की।
फडणवीस का उभार
राज्य में हिंदुत्व का प्रभाव परंपरागत रूप से सीमित रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में महात्मा ज्योतिबा फुले, शहू महाराज और बाबा साहेब आंबेडकर जैसे नेताओं द्वारा बनाए गए सामाजिक और विचारधारात्मक आधार ने हमेशा प्रगतिशील राजनीति को प्राथमिकता दी है। ऐसे में फडणवीस की सफलता ने उन्हें बीजेपी में राष्ट्रीय स्तर का एक महत्वपूर्ण नेता बना दिया है। उनका राजनीतिक सफर नागपुर के स्थानीय विधायक से शुरू होकर बीजेपी की महाराष्ट्र रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाने तक 11 वर्षों में तेजी से बढ़ा। 2014 में उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया, जबकि पहले उन्होंने मंत्री का पद भी नहीं संभाला था।
इस दौरान फडणवीस ने हिंदुत्व के अधिक स्पष्ट और सक्रिय पक्ष को अपनाया। साथ ही, महाराष्ट्र में लंबे समय तक मराठा राजनीति से नियंत्रित राज्य में ब्राह्मण मुख्यमंत्री का चुनाव करना असामान्य था, पिछला उदाहरण 1995 में शिवसेना नेता मनोहर जोशी का था। उनकी कार्यशैली ने अगले पांच वर्षों में उन्हें विश्वसनीय और सक्षम प्रशासक के रूप में प्रस्तुत किया। वे दशकों में पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने जिन्होंने पूरा पांच साल का कार्यकाल संपन्न किया।
राजनीतिक चुनौती
2019 के विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच सत्ता साझा करने को लेकर विवाद हुआ। फडणवीस ने 23 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, एनसीपी के समर्थन का दावा किया, लेकिन तीन दिन बाद शरद पवार के समर्थन वापस लेने के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद फडणवीस ने शिंदे गुट के साथ मिलकर शिवसेना को कमजोर करने और ठाकरे सरकार को हटाने की रणनीति बनाई। आलोचनाओं और शिंदे गुट को प्रलोभन देने के आरोपों के बावजूद, उनका लक्ष्य सत्ता वापसी था। नतीजतन, फडणवीस ने अपनी धीरे-धीरे और धैर्यपूर्ण रणनीति के दम पर 2024 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को एक व्यापक जीत दिलाई और शिंदे उनके उपमुख्यमंत्री बने।
हिंदुत्व और राजनीतिक कौशल
इस अवधि में फडणवीस ने बीजेपी की आइडियोलॉजिकल अपील बढ़ाने के लिए हिंदुत्व को और सक्रिय रूप से अपनाया। उन्होंने समूहों को रैली आयोजित करने की अनुमति दी और हिंदू पहचान को मजबूती से प्रचारित किया। मराठा आरक्षण आंदोलन जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए भी फडणवीस ने प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखा। उन्होंने पूरे राज्य में यात्रा की, विपक्ष को पार्टी में शामिल किया और गठबंधन सहयोगियों को नियंत्रित रखा। इस तरह नागपुर के स्थानीय नेता से उन्होंने राज्यव्यापी लोकप्रिय नेता “देवभाऊ” का दर्जा पाया।
दिल्ली की राह और राष्ट्रीय संभावना
अब सवाल यह है कि फडणवीस अगले वर्षों में किस दिशा में जाएंगे। क्या वे मोदी के बाद बीजेपी के लिए अगली बड़ी उम्मीद बन सकते हैं, खासकर 2029 के आम चुनावों के बाद? उनके पास शिक्षा, प्रशासनिक अनुभव, राजनीतिक कौशल, संगठनात्मक क्षमता और RSS का विश्वास है। ये सभी उन्हें पार्टी में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाते हैं। फडणवीस की सशक्त हिंदुत्व और प्रशासनिक कुशलता उनके लिए राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावी बनने की राह खोल सकती है। अगर वे प्रधानमंत्री बने तो उनके नेतृत्व में भाजपा की शक्ति और हिंदुत्व का प्रभाव और बढ़ सकता है।
(फेडरल सभी पक्षों से विचार और राय प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। लेख में दी गई जानकारी, विचार या राय लेखक की हैं और जरूरी नहीं कि वे फेडरल के विचारों को प्रतिबिंबित करें।)


