
अमेरिका का यह कदम वेनेज़ुएला में केवल राजनीतिक संकट और अस्थिरता को बढ़ावा देगा। देश के अंदर जन समर्थन और सामाजिक आंदोलन की ताकत के कारण वेनेज़ुएला सरकार आसानी से टूटने वाली नहीं है।
वेनेजुएला और उसके राष्ट्रपति निकोलेस मादुरो व उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के अपहरण के साथ अमेरिका ने फिर से अंतरराष्ट्रीय कानून और अन्य देशों की संप्रभुता की अवहेलना दिखाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम ने वेनेजुएला की तेल-समृद्ध अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल की स्थिति पैदा कर दी है।
मादुरो को अमेरिकी हिरासत केंद्र में बंद देखकर किसी को ऐसा लगे कि यह हॉलीवुड फिल्म का कोई गैंगस्टर है। लेकिन हकीकत इससे कहीं जटिल है। मादुरो ने वेनेजुएला में सत्ता हथियाई नहीं, बल्कि 2013 में अपने पूर्ववर्ती ह्यूगो चावेज के निधन के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए राष्ट्रपति बने।
चाविजता आंदोलन की जड़ें
चावेज और मादुरो का समर्थन करने वाला चाविजता आंदोलन (Chavistas) एक व्यापक सामाजिक आंदोलन था। यह आंदोलन अमेरिका विरोधी, मजदूर समर्थक और वंचित वर्ग के अधिकारों के पक्ष में था। इसने वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री में विदेशी कंपनियों को पीछे हटाते हुए अमेरिकी समर्थक व्यापार वर्ग को नाराज कर दिया।
वेनेजुएला में अस्थिरता
ट्रंप ने मादुरो के अपहरण के बाद कहा कि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल रही हैं और अमेरिका के साथ मिलकर “सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण” में सहयोग करेंगी। लेकिन रोड्रिगेज ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की और तत्काल मादुरो और उनकी पत्नी की रिहाई की मांग की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया।
विपक्ष का सामना और संभावित संकट
वेनेजुएला अब अनिश्चित स्थिति में है। अगर रोड्रिगेज अमेरिका के साथ समझौता करती हैं तो भी चाविजता आंदोलन के समर्थक इसके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। अगर वे पूरी ताकत से अमेरिका का विरोध करती हैं तो वेनेजुएला में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल और बढ़ सकती है।
अमेरिका की विफलता की लंबी कहानी
इतिहास बताता है कि अमेरिका ने पिछले 25 वर्षों में चावेज और मादुरो को हटाने के कई प्रयास किए, लेकिन असफल रहा। 2002 में व्यापारिक और सेना समर्थित तख्तापलट ने चावेज़ को हटाया, लेकिन जनता के विरोध में वह फिर सत्ता में लौट आए। अमेरिकी कंपनियों और विपक्ष ने तेल उद्योग और आर्थिक दबाव के माध्यम से चावेज़ और मादुरो को हटाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2019 और 2020 में अमेरिकी प्रशिक्षित विद्रोही और ऑपरेशन गिडियन के प्रयास भी नाकाम रहे।
तेल और संसाधनों की लालसा
अमेरिका ने लगातार वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री और सरकार पर सैनक्शन और वित्तीय दबाव बनाए रखने की कोशिश की, ताकि सरकार को अस्थिर किया जा सके। लेकिन मादुरो सरकार टूटने की बजाय लगातार अपने समर्थकों और सामाजिक नेटवर्क के सहारे टिकती रही।
अब क्या होगा?
अमेरिकी विशेष बलों ने मादुरो का अपहरण जरूर किया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वेनेजुएला सरकार तुरंत गिर जाएगी। देश के अंदर समर्थक मजबूत हैं और चाविजता आंदोलन अब भी एक सशक्त लोकतांत्रिक आधार पर खड़ा है।
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