Kerala Elections से पहले राहुल की हूंकार, जनता बदलाव के लिए तैयार, जारी की 92 उम्मीदवारों की लिस्ट
x

Kerala Elections से पहले राहुल की हूंकार, 'जनता बदलाव के लिए तैयार', जारी की 92 उम्मीदवारों की लिस्ट

केरल विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने UDF गठबंधन को 'टीम केरलम' बताते हुए जीत का दावा किया है। केरल में 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे।


केरल विधानसभा चुनाव में अब तीन हफ्ते से भी कम का समय बचा है। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राज्य में सत्ता परिवर्तन का बड़ा दावा किया है। शुक्रवार (20 मार्च) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक और रणनीतिक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केरल की जनता इस बार बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को 'टीम केरलम' करार दिया है।

'अनुभव और युवाओं का संगम है UDF'

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए लिखा, "UDF का हर उम्मीदवार केरल के लोगों की आवाज, उनकी आकांक्षाओं और भरोसे का प्रतिबिंब है। यह अनुभवी नेताओं और युवा बदलाव लाने वालों का एक सामूहिक समूह है।" उन्होंने आगे कहा कि यह पुरुषों और महिलाओं की एक ऐसी मजबूत टीम है, जो अपने निर्वाचन क्षेत्रों की बारीकियों और वहां की समस्याओं को गहराई से समझती है।

केरल से राहुल का भावुक रिश्ता

केरल से अपने निजी जुड़ाव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मेरे लिए केरल घर है और यहाँ के लोग मेरा परिवार हैं। यहाँ के लोगों ने मुझे जो प्यार और गर्मजोशी दी है, उसके लिए मैं उनका ऋणी हूँ। मैं हमेशा आपका भागीदार बना रहूँगा।" उन्होंने विश्वास जताया कि लोग एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी बात सुने, उन्हें समझे और ईमानदारी से काम करे। राहुल ने नारा दिया "केरल जीतेगा, UDF नेतृत्व करेगा।"

92 उम्मीदवारों के नाम तय

चुनावों के लिए कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली है। पार्टी ने पिछले दो दिनों में 92 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस बार कांग्रेस ने एक बड़ा जोखिम उठाते हुए अपने किसी भी मौजूदा सांसद (MP) को विधानसभा चुनाव के मैदान में नहीं उतारा है। पार्टी ने आंतरिक दबाव के बावजूद राज्य के स्थानीय नेतृत्व पर भरोसा जताया है। कांग्रेस को उम्मीद है कि स्थानीय चेहरों के दम पर वह सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठा पाएगी।

क्या टूटेगा LDF का तिलिस्म?

केरल की राजनीति का इतिहास रहा है कि वहां हर पांच साल में सत्ता बदलती है। लेकिन 2016 और 2021 में लगातार दो बार वामपंथी गठबंधन (LDF) ने जीत दर्ज कर इस परंपरा को तोड़ दिया था। अब 2026 के इस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF पिछले 10 साल के वनवास को खत्म करने के लिए बेताब है। दूसरी ओर, बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए (NDA) भी इस त्रिकोणीय मुकाबले को दिलचस्प बनाने की कोशिश कर रहा है।

चुनाव कार्यक्रम पर एक नजर

केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा। पूरे राज्य की किस्मत का फैसला 4 मई को नतीजों के साथ होगा। राहुल गांधी का यह दौरा और सोशल मीडिया कैंपेन कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने की कोशिश माना जा रहा है।

Read More
Next Story