
ICC टूर्नामेंट का विवादित इतिहास: T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले किन देशों ने किया खेल से इनकार और क्यों?
Cricket Politics: इन उदाहरणों से साफ है कि राजनीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय तनाव अक्सर क्रिकेट टूर्नामेंटों में बाधा बनते हैं। टीमें कभी-कभी खुद बाहर होती हैं, कभी ICC उन्हें प्रतिस्पर्धा से हटा देता है।
Cricket Controversy: क्रिकेट सिर्फ मैदान का खेल नहीं, बल्कि कभी-कभी यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सियासी मैदान में भी उतर जाता है! बांग्लादेश से लेकर पाकिस्तान तक, ICC टूर्नामेंट्स में कई बार टीमें पहले भी खेलने से इनकार कर चुकी हैं। आईसीसी (ICC) ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। इसका कारण था बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) का भारत में टूर्नामेंट में भाग लेने से इनकार करना। वहीं, पाकिस्तान की तरफ से भी धमकी मिली है कि वे टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकते हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड 2 फरवरी तक अपना आधिकारिक फैसला बताएगा।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम ने मेजबान देश में खेलने से इनकार किया हो। ICC टूर्नामेंटों में इससे पहले भी कई बार राजनीतिक, सुरक्षा और राजनयिक कारणों से टीमें किसी देश में खेलने से बची हैं।
5 प्रमुख मामले
1. 1996 वनडे वर्ल्ड कप
1996 में वनडे वर्ल्ड कप श्रीलंका, भारत और पाकिस्तान द्वारा आयोजित होना था। टूर्नामेंट से ठीक दो हफ्ते पहले कोलंबो में भयंकर बम धमाका हुआ। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से मना कर दिया। भारत और पाकिस्तान ने प्रदर्शनी मैच खेलकर श्रीलंका का समर्थन किया। नतीजा श्रीलंका को वॉकओवर मिला और वे क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। मजेदार बात यह रही कि श्रीलंका ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व कप जीत लिया।
2. 2003 वनडे वर्ल्ड कप
पहला विश्व कप जो अफ्रीका में हुआ, उसमें कई विवाद हुए। इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे में मैच खेलने से इनकार किया। क्योंकि ब्रिटिश सरकार उस समय मुगाबे शासन की आलोचना कर रही थी। न्यूजीलैंड ने केन्या में मैच से इनकार किया, क्योंकि मोम्बासा में हाल ही में आतंकवादी हमला हुआ था। नतीजा यह हुआ कि जिम्बाब्वे और केन्या को वॉकओवर मिला। केन्या पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचा। इंग्लैंड शुरुआती दौर में ही बाहर हो गया।
3. 2009 टी20 वर्ल्ड कप
2009 में टी20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड में था। जिम्बाब्वे क्रिकेट ने राजनीतिक और वीजा समस्याओं के कारण खुद टूर्नामेंट से बाहर होने का फैसला लिया। ICC ने इसे दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक स्थिति बताया और जिम्बाब्वे को पूरा हिस्सा शुल्क भी दिया। उनकी जगह स्कॉटलैंड को चुना गया।
4. 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप
2015 में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश दौरा सुरक्षा कारणों से रद्द किया। 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी उनका रुख नहीं बदला। ICC ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के फैसले का सम्मान किया। बाद में आयरलैंड को उनकी जगह शामिल किया गया।
5. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी
2025 में चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में होनी थी। भारत ने 2008 के बाद से पाकिस्तान में कोई मैच नहीं खेला था। सरकार ने टीम को अनुमति नहीं दी। ICC ने तटस्थ स्थान पर मैच कराने का समझौता कराया। नतीजा यह हुआ कि भारत के मैच दुबई में हुए और भारत ने ट्रॉफी जीत ली।

