रोहित-कोहली विवाद पर हेड कोच गौतम गंभीर ने तोड़ी चुप्पी, दे दिया बड़ा बयान
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रोहित-कोहली विवाद पर हेड कोच गौतम गंभीर ने तोड़ी चुप्पी, दे दिया बड़ा बयान

भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर ने विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ अपने कथित विवादों पर चुप्पी तोड़ी है। बता दें कि गौतम गंभीर के कार्यकाल के दौरान ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है।


Gautam Gambhir On Rohit Kohli Controversy: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अपनी बेबाकी के लिए हमेशा ही चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी कोचिंग में भारत को ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जिताया है, टीम इंडिया को चैंपियन बनाने वाले गंभीर ने इस जीत के बाद एक इंटरव्यू दिया है। अपने इस इंटरव्यू में गंभीर ने बड़ी बेबाकी से कई मुद्दों पर बात की। गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम के दो सबसे बड़े मैच विनर्स विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर बात की है। इस इंटरव्यू के दौरान गंभीर ने उन सभी अफवाहों और ट्रोल्स को जवाब दिया है, जो लगातार यह दावा करते रहे हैं कि हेड कोच और सीनियर खिलाड़ियों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।

"मैं भी एक इंसान हूँ और मुझसे भी हो सकती हैं गलतियां"

इंटरव्यू के दौरान जब गंभीर से पूछा गया कि सोशल मीडिया पर अक्सर यह कहा जाता है कि वह सीनियर खिलाड़ियों (विराट और रोहित) के खिलाफ हैं और इस दबाव को वह कैसे झेलते हैं? इस पर गंभीर ने बहुत ही मानवीय और व्यवहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं भी एक इंसान हूँ और मुझे भी दूसरों की तरह गलतियाँ करने की अनुमति मिलनी चाहिए। खिलाड़ियों से भी गलतियाँ होती हैं और पिछले 18 महीनों में मुझसे भी हुई होंगी। मैं इससे कभी पीछे नहीं हटा।"

गौतम गंभीर ने आगे एक बहुत गहरी बात कही जो उनके जीवन दर्शन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि सही नियत के साथ लिया गया गलत फैसला स्वीकार्य है, लेकिन गलत नियत के साथ लिया गया गलत फैसला बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।" गंभीर का मानना है कि जब तक उनकी नीयत टीम की भलाई के लिए है, तब तक उन्हें फैसलों की आलोचना का डर नहीं है।

ईमानदारी ही सबसे बड़ी ताकत

ड्रेसिंग रूम के माहौल पर बात करते हुए गंभीर ने स्पष्ट किया कि उनके लिए पद से ज्यादा 'ईमानदारी' मायने रखती है। उन्होंने कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद हर व्यक्ति के प्रति ईमानदार रहने की कोशिश करते हैं। चाहे वह टीम का मुख्य खिलाड़ी हो, असिस्टेंट कोच हो या मसाजर। उनके अनुसार, जब तक वह अपने काम के प्रति ईमानदार हैं, उन्हें लगता है कि वह अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभा रहे हैं।

ट्रोल्स को नहीं देते तवज्जो

गौतम गंभीर के कार्यकाल के दौरान ही भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। खेल जगत के कई विशेषज्ञों का मानना था कि इन बड़े फैसलों के पीछे कहीं न कहीं गंभीर की सख्त रणनीति थी। वर्तमान में, ये दोनों दिग्गज केवल वनडे (ODI) फॉर्मेट में ही खेलते नजर आते हैं।

सोशल मीडिया पर अक्सर यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की जाती है कि कोच और इन दिग्गजों के बीच 'कोल्ड वॉर' चल रही है। गंभीर ने साफ किया कि वह इन बाहरी शोर और ट्रोल्स को तवज्जो नहीं देते। उनके लिए मैदान पर टीम की जीत और खिलाड़ियों के बीच का आपसी विश्वास ही सर्वोपरि है।

गौतम गंभीर के इस बयान ने साफ कर दिया है कि वह टीम इंडिया को एक ऐसी संस्कृति की ओर ले जाना चाहते हैं जहाँ फैसलों से ज्यादा 'नीयत' को महत्व दिया जाए। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ऐतिहासिक जीत के बाद, अब गंभीर का पूरा ध्यान अगले साल होने वाले 50-50 ओवर के वर्ल्ड कप पर है।

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