
पाकिस्तानी खिलाड़ी पर दांव खेलना काव्या मारन को पड़ा भारी, सस्पेंड हुआ सनराइजर्स का अकाउंट!
इंग्लैंड की 'द हंड्रेड' लीग के ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स की मालकिन काव्या मारन ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 2.3 करोड़ रुपये में खरीदा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया।
IPL 2026 का बिगुल बजने में अभी वक्त है, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन अभी से सुर्खियों में आ गई हैं। हालांकि, इस बार वजह कोई जीत नहीं, बल्कि एक बड़ा विवाद है। इंग्लैंड की मशहूर क्रिकेट लीग 'द हंड्रेड' (The Hundred) में काव्या की टीम 'सनराइजर्स लीड्स' द्वारा एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदे जाने पर सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
गुरुवार, 12 मार्च को इंग्लैंड में 'द हंड्रेड' के मेंस टूर्नामेंट के लिए पहली बार खिलाड़ियों का ऑक्शन (नीलामी) आयोजित किया गया था। इस नीलामी में काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के लेग स्पिनर अबरार अहमद पर बड़ा दांव खेला। टीम ने अबरार को 1,90,000 पाउंड (यानी करीब 2.3 करोड़ भारतीय रुपये) की भारी-भरकम कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया।
जैसे ही ऑक्शन टेबल पर बैठी काव्या मारन और उनकी टीम ने अबरार के नाम पर मुहर लगाई, वैसे ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। भारतीय फैंस के बीच इस फैसले को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों में लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर क्यों भड़के लोग?
भारत में IPL के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी है। ऐसे में एक भारतीय मालकिन की विदेशी टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को इतनी मोटी रकम दिए जाने पर फैंस दो गुटों में बंट गए। कुछ लोगों का कहना है कि यह एक ग्लोबल लीग है और इसमें खिलाड़ी की राष्ट्रीयता नहीं, उसका टैलेंट देखा जाना चाहिए। वहीं, एक बड़ा तबका काव्या मारन और सनराइजर्स ग्रुप के इस फैसले की कड़ी आलोचना कर रहा है।
अचानक सस्पेंड हुआ सोशल मीडिया अकाउंट
विवाद अभी थमा भी नहीं था कि एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई। अबरार अहमद को खरीदने के कुछ ही घंटों बाद सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक 'X' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट अचानक सस्पेंड कर दिया गया। जब फैंस ने टीम के पेज को खोलने की कोशिश की, तो वहां लिखा आ रहा था कि यह अकाउंट 'X के नियमों के उल्लंघन' की वजह से सस्पेंड किया गया है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर किस नियम के उल्लंघन के कारण यह कार्रवाई की गई है। क्या इसके पीछे अबरार अहमद की खरीद से उपजा विवाद है या कोई तकनीकी कारण, इसे लेकर फ्रेंचाइजी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
काव्या मारन के लिए दोहरी चुनौती
IPL 2026 से पहले काव्या मारन के लिए यह एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। एक तरफ अबरार को खरीदने का विरोध और दूसरी तरफ अपनी विदेशी फ्रेंचाइजी के डिजिटल प्लेटफॉर्म का बंद होना, सनराइजर्स ग्रुप की ब्रांड वैल्यू पर असर डाल सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या काव्या मारन इस मुद्दे पर कोई सफाई देती हैं या यह विवाद आईपीएल के शुरू होने तक उनकी टीम का पीछा करता रहेगा।
13 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
इस ऑक्शन में हर किसी की नजर इसी बात पर थी कि क्या भारतीय मालिकों वाली चार टीमें किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को अपनी टीम में जगह देंगी या नहीं। यह चर्चा इसलिए शुरू हुई क्योंकि पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आईपीएल (IPL) से जुड़ी भारतीय फ्रेंचाइजी किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को नहीं खरीदेंगी।
इस खबर के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने सभी टीमों के साथ मिलकर एक बयान जारी किया। उन्होंने साफ किया कि खिलाड़ियों का चुनाव उनकी राष्ट्रीयता (Nationality) के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी काबिलियत को देखकर किया जाएगा।
आपको बता दें कि इस नीलामी में कुल 13 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अबरार अहमद के अलावा सिर्फ एक और पाकिस्तानी स्पिनर, उस्मान तारिक, को ही खरीदार मिला। उन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने अपनी टीम में शामिल किया।

