
बीसीसीआई के एक्स हैंडल से ली गयी तस्वीर
भारत टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में, इंग्लैंड को रोमांचक शिकस्त
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रनों से हरा दिया। संजू सैमसन की तूफानी पारी और गेंदबाजों के दम पर भारत अब खिताबी जंग लड़ेगा।
ICC Men's T20 World Cup : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में टीम इंडिया ने 7 रनों से रोमांचक जीत दर्ज की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में इंग्लिश टीम कड़ी टक्कर देने के बावजूद निर्धारित ओवरों में 246/7 रन ही बना सकी।
इस जीत के साथ ही भारत ने एक बार फिर विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव की स्थिति में शानदार खेल दिखाया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। संजू सैमसन की कप्तानी पारी और हार्दिक पंड्या की सटीक गेंदबाजी ने मैच का पासा भारत के पक्ष में पलट दिया। यह मुकाबला टी20 इतिहास के सबसे यादगार मैचों में गिना जाएगा।
Marching towards the #Final 👏
— BCCI (@BCCI) March 5, 2026
A step away from 𝙂𝙡𝙤𝙧𝙮 🏆#TeamIndia is into the #T20WorldCup finale 🥳
Scorecard ▶️ https://t.co/LxSBs3EDPx#MenInBlue | #ENGvIND pic.twitter.com/6BBNkNw2aB
संजू सैमसन की तूफानी बल्लेबाजी का जलवा
मैच की शुरुआत में टॉस जीतकर इंग्लैंड ने भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था। भारतीय पारी के असली हीरो संजू सैमसन रहे, जिन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों की जमकर धुलाई की। सैमसन ने महज 42 गेंदों का सामना करते हुए 211.90 की स्ट्राइक रेट से सर्वाधिक 89 रन बनाए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 8 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। सैमसन की बल्लेबाजी ने वानखेड़े में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सैमसन के अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे टीम इंडिया 253/7 के पहाड़ जैसे स्कोर तक पहुंच पाई। इंग्लैंड की ओर से शुरुआती ओवरों में रनों पर अंकुश लगाने की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए। इस बड़े लक्ष्य ने इंग्लैंड पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना दिया था। वानखेड़े की सपाट पिच पर भारतीय टीम ने अपनी रणनीति को बखूबी अंजाम दिया।
जेकब बेथेल का शतक भी नहीं बचा सका इंग्लैंड को
254 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। सलामी बल्लेबाज जॉस बटलर ने 17 गेंदों में 25 रनों की तेज पारी खेली, लेकिन वह इसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। इसके बाद चौथे नंबर पर आए जेकब बेथेल ने भारतीय खेमे में खलबली मचा दी। बेथेल ने मात्र 48 गेंदों में 105 रनों की शतकीय पारी खेली। उनकी पारी में 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे, जिससे मैच अंत तक रोमांचक बना रहा।
निचले क्रम में विल जैक्स ने भी 20 गेंदों में 35 रनों का योगदान देकर उम्मीदें जगाईं। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में अनुशासन बनाए रखा और रन गति पर लगाम लगाई। बेथेल के रन आउट होते ही इंग्लैंड की जीत की संभावनाएं लगभग खत्म हो गईं। इंग्लिश टीम ने पूरे 20 ओवर खेले लेकिन जीत की दहलीज से महज 7 रन दूर रह गई। भारतीय फील्डिंग ने भी इस जीत में अहम भूमिका निभाई।
हार्दिक पंड्या और गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
गेंदबाजी के मोर्चे पर हार्दिक पंड्या भारत के सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में 38 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। हार्दिक ने फिल सॉल्ट और सैम करन को अपना शिकार बनाकर इंग्लैंड की मध्यक्रम की रीढ़ तोड़ दी। उनके अलावा जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने भी अहम मौकों पर विकेट निकाले। बुमराह ने हैरी ब्रूक को आउट किया, जबकि अर्शदीप ने विल जैक्स का कीमती विकेट लिया।
स्पिन विभाग में अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने भी प्रभावित किया। अक्षर ने टॉम बैंटन को पवेलियन भेजा, तो वहीं वरुण ने सेट बल्लेबाज जॉस बटलर का विकेट लेकर भारत को बड़ी राहत दी। सभी प्रमुख गेंदबाजों ने कम से कम एक-एक सफलता अर्जित की। टीम वर्क और सटीक रणनीति की बदौलत भारत अब विश्व कप ट्रॉफी से सिर्फ एक कदम दूर है। पूरे देश में इस समय जश्न का माहौल है और प्रशंसक फाइनल का इंतजार कर रहे हैं।
Next Story

