
विराट कोहली का 52वां वनडे शतक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा
कोहली ने रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 135 रनों की पारी खेली; वह अब एक ही फॉर्मेट में 52 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने, तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों को पीछे छोड़ा
विराट कोहली की 50 ओवर फॉर्मेट में चमक रविवार (30 नवंबर) को रांची में एक बार फिर देखने को मिली, जब उनके 52वें शतक ने भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में 349/8 के बड़े स्कोर तक पहुंचाया। इस पारी के साथ कोहली ने क्रिकेट के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया—एक ही फॉर्मेट में सबसे ज़्यादा शतक।
जहां सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतक हैं, वहीं कोहली अब 52 वनडे शतक के साथ उनसे आगे निकल गए हैं।
खुद को फिर साबित किया
अपने करियर के उस दौर में, जब हर वनडे पारी पर सवाल उठते हैं, कोहली ने 135 रनों की शानदार पारी खेलकर यह संदेश दिया कि वह अभी भी भारत के लिए इस फॉर्मेट में सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ हैं।
37 वर्षीय कोहली ने मार्को यानसन की गेंद पर चौका लगाकर शतक पूरा किया, और पूरा स्टेडियम उत्साह से गूंज उठा। एक प्रशंसक तो मैदान में घुस आया और कोहली के कदम छूने की कोशिश की।
रोहित का रिकॉर्ड
कोहली की 120 गेंदों की पारी में 7 छक्के और 11 चौके शामिल थे। उनकी और रोहित शर्मा (57 रन, 51 गेंद) की 136 रनों की साझेदारी ने भारत की पारी की नींव मजबूत की।
रोहित ने भी इतिहास रचा—उन्होंने वनडे में अपना 352वां छक्का लगाकर शाहिद अफरीदी (351) का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। हालांकि जीवनदान मिलने के बाद भी वह 57 रन पर यानसन की गेंद पर आउट हो गए।
'रोको' शो
जब कोहली यशस्वी जायसवाल (18) के आउट होते ही मैदान में आए, तो रांची की भीड़ 'रोहित–कोहली’ की साझेदारी देखने के लिए उत्सुक थी। रोहित को 1 रन पर जीवनदान मिला, जिसके बाद उन्होंने जैनसन और कॉर्बिन बॉश पर शानदार शॉट खेले।
दूसरी ओर, कोहली शुरू से ही क्लासिक अंदाज़ में दिखे—बर्गर की गेंद पर लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से लगाया गया छक्का उनकी लय और इरादे दोनों का संकेत था।
दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की ढीली लाइन और लेंथ ने भी भारतीय बल्लेबाजों को रन जुटाने में मदद की। कोहली ने बॉश की गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया।
रफ्तार पर ब्रेक
रोहित के आउट होते ही भारत की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी। रुतुराज गायकवाड़ (8) और वॉशिंगटन सुंदर (5) जल्दी वापस पवेलियन लौट गए। लेकिन कोहली टिके रहे। उन्होंने स्ट्राइक रोटेशन और खराब गेंदों को दंडित करते हुए भारत को संभाले रखा।
शतक पूरा होते ही एक भावुक प्रशंसक सुरक्षा तोड़कर मैदान में घुस आया और कोहली के सामने घुटनों पर बैठ गया।
पुरानी भूख बरकरार
केएल राहुल ने 56 गेंदों में 60 रन बनाकर तेज़ी लाई। हालांकि राहुल को स्पिनर सुब्रायन के खिलाफ रन बनाने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन कोहली ने उसी गेंदबाज़ को दो छक्के और एक चौके सहित 21 रन ठोक दिए। गेंद नरम होने के बाद भी गियर बदलने की कोहली की क्षमता प्रभावशाली रही।
2027 विश्व कप में अभी समय है, लेकिन कोहली ने फिर साबित किया कि उनका जोश और क्लास दोनों बरकरार हैं। अब जबकि वह T20 टीम का हिस्सा नहीं हैं और अगले आठ महीनों में भारत को केवल छह वनडे खेलने हैं, हर मैच कोहली के लिए अहम हो गया है।

