
भारत में पहली बार न्यूज़ीलैंड ने वनडे सीरीज़ जीती, कोहली के शतक के बावजूद आखिरी वनडे में शिकस्त
इंदौर में सीरीज के आखिरी वनडे मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीती है।
एक समय जबकि ऐसा लग रहा था कि इंदौर में भारत वनडे सीरीज को अपने नाम करने की ओर बढ़ रहा था, तभी खेल बदल गया। जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे विराट कोहली से 46वें ओवर में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में चूक हो गई और गेंद सीधे लॉन्ग-ऑफ पर खड़े डैरिल मिचेल के हाथों में चली गई। कोहली कैच लपक लिए गए। कोहली 108 गेंदों में 124 रन बनाकर पवेलियन लौटे। और इसके साथ ही न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने की भारत की कोशिशों ने दम तोड़ दिया।
इसके ठीक दो गेंद बाद मुकाबला पूरी तरह खत्म हो गया। अर्शदीप सिंह ने ऑफ साइड में शॉर्ट कवर पर खड़े फिलिप्स की दाईं ओर हल्का शॉट खेला। अर्शदीप और कुलदीप यादव दोनों ने सिंगल के लिए दौड़ लगा दी, लेकिन एक पल की चूक और गेंद पर नजर टिके रहने की गलती भारी पड़ गई। फिलिप्स ने स्ट्राइकर एंड पर स्टंप्स उड़ा दिए और कुलदीप क्रीज़ से बाहर पकड़े गए।
इस तरह 46वें ओवर में टीम इंडिया 296 रन बनाकर आउट हो गई, जबकि उसे जीत के लिए 338 रन बनाने थे। न्यूज़ीलैंड ने यह मैच 41 रन से जीत लिया। आखिरी वनडे में इस हार के साथ ही भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ये वनडे सीरीज 2-1 से गंवा दी।
रविवार को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। कीवियों ने डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स की शतकीय पारियों की बदौलत 50 ओवर में आठ विकेट पर 337 रन बनाए। जवाब में भारत की टीम 46 ओवर में 10 विकेट पर 296 रन बना सकी। उनके लिए विराट कोहली ने 124, नीतीश कुमार रेड्डी ने 53 और हर्षित राणा ने धमाकेदार 52 रन बनाए।
1-0 से पिछड़ने के बाद न्यूज़ीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए भारत में पहली बार वनडे सीरीज़ अपने नाम की। खास बात यह रही कि यह जीत एक बेहद कमजोर (कमज़ोर खिलाड़ियों वाली) टीम के साथ आई। भारत में टेस्ट सीरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के महज़ एक साल बाद यह उपलब्धि हासिल करना इस टीम की ऐतिहासिक सफलता को दर्शाता है।

