
कौन है क्रिकेट का असली कप्तान?: कमाई और प्रदर्शन में BCCI के आगे टिक नहीं पाता कोई!
BCCI: पाकिस्तान आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन ICC पर निर्णायक प्रभाव नहीं डाल सकता। उनका बहिष्कार राजनीतिक संदेश, मीडिया हेडलाइन और सौदेबाजी का हिस्सा है।
India-Pakistan cricket: क्रिकेट की दुनिया में एक बार फिर सियासत और पैसा आमने-सामने हैं। टी20 विश्व कप 2026 सिर्फ गेंद और बल्ले का खेल नहीं है, बल्कि राजनीतिक ड्रामा, मीडिया हेडलाइन और अरबों डॉलर की कमाई का मुकाबला भी है। बांग्लादेश पहले ही भारत में खेलने से इनकार कर चुका है और अब पाकिस्तान भी धमकी दे रहा है कि वह टूर्नामेंट से हाथ पीछे खींच सकता है। लेकिन क्या सच में उनका बहिष्कार ICC को हिला सकता है या यह महज ड्रामे का हिस्सा है? ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि कौन वास्तव में क्रिकेट की अर्थव्यवस्था पर राज करता है– भारत, पाकिस्तान या फिर ICC?
टी20 विश्व कप 2026 में काफी हंगामा देखने को मिल रहा है। बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार किया और इसके बाद आईसीसी ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अब पाकिस्तान भी धमकी दे रहा है कि वह भारत और श्रीलंका में होने वाले टूर्नामेंट से नाम वापस ले सकता है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा कि वे 2 फरवरी तक अपना फैसला देंगे। हालांकि, पाकिस्तान का कहना है कि उनके मैच तो श्रीलंका में होने हैं, लेकिन वे राजनीतिक संदेश देने के लिए धमकी दे रहे हैं।
पाकिस्तान की रणनीति
पिछले कुछ सालों में PCB की मुख्य रणनीति अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर राजनीतिक दबाव डालना रही है। भारत में होने वाले आईसीसी इवेंट या पाकिस्तान में आयोजित होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी, दोनों में PCB बार-बार बहिष्कार की धमकी देता रहा है। PCB का दावा होता है कि अगर वे नहीं खेलेंगे तो आईसीसी की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। लेकिन आईसीसी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान का आर्थिक प्रभाव सीमित है।
आईसीसी का आर्थिक मॉडल
आईसीसी कोई फंडिंग क्लब नहीं है, यह एक इवेंट बिजनेस है। विश्व कप, टी20 विश्व कप जैसे इवेंट्स आईसीसी के लिए मुख्य पैसे कमाने के स्रोत हैं। 2024 में आईसीसी का कुल राजस्व 777.9 मिलियन डॉलर था, जिसमें से 728.5 मिलियन डॉलर इवेंट्स से आया। नेट सरप्लस 474 मिलियन डॉलर था।
महत्वपूर्ण बातें
1. बहिष्कार तब ही असरदार होगा, जब टूर्नामेंट की कमर्शियल वैल्यू प्रभावित हो।
2. पाकिस्तान को आईसीसी के कुल राजस्व का सिर्फ 5.75% मिलता है, जबकि भारत को 38.5%।
3. भारत से आईसीसी को कुल राजस्व का लगभग 80% मिलता है।
इसलिए पाकिस्तान के बहिष्कार का आईसीसी की आर्थिक स्थिति पर बहुत कम असर होगा।
पाकिस्तान का प्रभाव
पाकिस्तान के पास तीन मुख्य असर के क्षेत्र हैं:-
1. प्रसारण बाजार– पाकिस्तान में कुछ ब्रॉडकास्ट डील हैं, लेकिन इनकी कीमत सार्वजनिक नहीं है।
2. भारत-पाकिस्तान मैच– यह सबसे बड़ा प्रभाव वाला क्षेत्र है, क्योंकि यह मैच सबसे ज्यादा देखा और बेचा जाता है।
3. टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा– पाकिस्तान के बिना टूर्नामेंट में ड्रामा कम होता है, लेकिन इसका आर्थिक असर बहुत ज्यादा नहीं होता।
अगर पाकिस्तान बहिष्कार करता है?
पाकिस्तान के बहिष्कार से सिर्फ तीन चीजों पर असर पड़ेगा:-
1. ब्रांड और प्रतिस्पर्धा– टूर्नामेंट का ब्रांड कमजोर होगा।
2. प्रीमियम मैच का नुकसान– भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होगा, जिससे विज्ञापन और टीवी रेटिंग्स को नुकसान होगा।
3. भविष्य की कॉन्ट्रैक्ट रियलिटी– पुराने विज्ञापन और डील्स पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन भविष्य की डील्स प्रभावित होंगी।
PCB को नुकसान
आईसीसी पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगा सकता है, जैसे द्विपक्षीय सीरीज रोकना, विदेशी खिलाड़ियों को एनओसी न देना। अगर पाकिस्तान एशिया कप या PSL में हिस्सा नहीं लेता तो उनकी लोकप्रियता और कमाई घट सकती है।
वैश्विक क्रिकेट की अर्थव्यवस्था (2025 तक)
वैश्विक क्रिकेट का राजस्व लगभग 3.84 बिलियन डॉलर है। इसमें भारत सबसे बड़ा आर्थिक केंद्र है। भारत का BCCI दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड है, जिसकी नेट वर्थ 2.25 बिलियन डॉलर है। IPL की वैल्यू 18.5 बिलियन डॉलर है।
ICC से बीसीसीआई को हर साल 230 मिलियन डॉलर (38.5%) मिलता है। इसका मतलब भारत की वजह से ही ICC का आर्थिक नियंत्रण मजबूत है। पाकिस्तान बड़ा सदस्य जरूर है, लेकिन निर्णायक नहीं।
अन्य देशों की स्थिति
ऑस्ट्रेलिया (CA)
नेट वर्थ: 79 मिलियन डॉलर
वार्षिक राजस्व: 456.66 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर
ICC शेयर: 6.25%
इंग्लैंड (ECB)
नेट वर्थ: 59 मिलियन डॉलर
ICC शेयर: 6.89%
द हंड्रेड टूर्नामेंट और काउंटी क्रिकेट से मजबूत आर्थिक स्थिति
पाकिस्तान (PCB)
नेट वर्थ: 55 मिलियन डॉलर
वार्षिक राजस्व: 120-135 मिलियन डॉलर
ICC शेयर: 5.75%
PSL से कमाई मुख्य स्रोत

