
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी से भारत बना अंडर-19 विश्व कप का चैंपियन, छठी बार जीता खिताब
14 वर्षीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने महज 80 गेंदों में 175 रन ठोककर भारत को 50 ओवर में 9 विकेट पर विशाल 411 रन तक पहुंचाया, जिसके बाद भारत ने इंग्लैंड को 311 रन पर ऑलआउट कर दिया।
भारत अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का चैम्पियन बन गया है। शुक्रवार (6 फरवरी) को जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड अंडर-19 को 100 रन से हराकर अपना रिकॉर्ड छठा विश्व खिताब जीता।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें ओपनर वैभव सूर्यवंशी के 80 गेंदों में तूफानी 175 रन की पारी की अहम भूमिका रही। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। यह भारत का लगातार छठा अंडर-19 विश्व कप फाइनल था और 2022 के बाद पहला खिताब, जब भारत ने इन्हीं प्रतिद्वंद्वियों को चार विकेट से हराया था।
कालेब फाल्कनर का तेज़ शतक
इंग्लैंड के लिए कालेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में शानदार 115 रन (नौ चौके, सात छक्के) बनाकर संघर्ष किया। इससे पहले ओपनर बेन डॉकिन्स (56 गेंदों में 66 रन; सात चौके, दो छक्के) और नंबर-3 बल्लेबाज़ बेन मेयस (28 गेंदों में 45 रन; सात चौके, दो छक्के) ने अच्छी शुरुआत दी थी, लेकिन मध्यक्रम ढह गया।
अंत में जेम्स मिंटो ने 41 गेंदों में 28 रन (एक चौका) बनाकर साथ दिया, पर लक्ष्य बहुत बड़ा था। भारत की ओर से दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ आर.एस. अम्ब्रिश सर्वश्रेष्ठ रहे और उन्होंने 56 रन देकर तीन विकेट लिए। दीपेश देवेंद्रन और ऑफ-ब्रेक गेंदबाज़ कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके।
सूर्यवंशी का विस्फोटक शतक
इससे पहले भारत अंडर-19 ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। वैभव सूर्यवंशी ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए धुआंधार शतक जड़ा, जिससे भारत 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन तक पहुंचा। यह टूर्नामेंट के 28 साल के इतिहास में फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर है।
बिहार के 14 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने खिताबी मुकाबले में अपना शतक पूरा करने के लिए सिर्फ 55 गेंदें लीं। यह अंडर-19 विश्व कप में किसी भारतीय द्वारा लगाया गया सबसे तेज़ शतक था। इसके साथ ही वे अंडर-19 विश्व कप में 60 गेंदों से कम में शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज़ बने।
सूर्यवंशी की पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे और उनका स्ट्राइक रेट 218 से अधिक रहा। भारतीयों में उन्होंने राज अंगद बावा का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2022 संस्करण (वेस्ट इंडीज) में युगांडा के खिलाफ 69 गेंदों में शतक लगाया था।
वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों पर तूफानी 175 रनों की पारी खेली
कुल मिलाकर, यह शतक उन्हें अंडर-19 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज़ शतकवीर बनाता है। उन्होंने पाकिस्तान के क़ासिम अकरम का रिकॉर्ड भी तोड़ा, जिन्होंने 2022 में श्रीलंका के खिलाफ 63 गेंदों में शतक पूरा किया था। सबसे तेज़ अंडर-19 विश्व कप शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के विल मलायजुक के नाम है, जिन्होंने मौजूदा संस्करण में जापान के खिलाफ 51 गेंदों में यह कारनामा किया।
सूर्यवंशी के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ा। एक ही अंडर-19 विश्व कप संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 30 छक्के लगाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस का 2022 का 18 छक्कों का रिकॉर्ड टूट गया।
सूर्यवंशी के अलावा कप्तान आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में 53 रन बनाए, जबकि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ अभिज्ञान कुंडू ने 31 गेंदों में 40 रन जोड़े। वेदांत त्रिवेदी और विहान मल्होत्रा ने 30-30 रन का योगदान दिया। इंग्लैंड की ओर से बाएं हाथ के मध्यम गति गेंदबाज़ जेम्स मिंटो सबसे सफल रहे जिन्होेंने 45 रन देकर तीन विकेट झटके। ओपनिंग पेसर्स सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने दो-दो विकेट लिए।
भारत अंडर-19 ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 300+ रन का पीछा पूरा करने वाली टीम ने फाइनल में भी दबदबा बनाए रखा।
संक्षिप्त स्कोर:
भारत अंडर-19 411/9 (50 ओवर) — वैभव सूर्यवंशी 175, आयुष म्हात्रे 63; जेम्स मिंटो 3/63
इंग्लैंड अंडर-19 311 (40.2 ओवर) — कालेब फाल्कनर 115, बेन डॉकिन्स 66; आर.एस. अम्ब्रिश 3/66
भारत ने 100 रन से जीत दर्ज की।

