
12 करोड़ की गाड़ी ने कानपुर में दिखाया तांडव, कौन है आरोपी शिवम मिश्रा?
कानपुर में तंबाकू कारोबारी के बेटे ने अपनी लेम्बॉर्गिनी कार से सड़क पर कहर बरपा दिया। तेज़ रफ्तार कार ने ऑटो और बाइक को टक्कर मारते हुए कई लोगों को घायल कर दिया।
Who is Shivam Mishra?: कानपुर की सड़कों पर एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक रईसज़ादे की महंगी लग्ज़री कार ने रविवार दोपहर सड़क पर चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 12 करोड़ रुपये की लेम्बॉर्गिनी कार ने सड़क पर चल रहे लोगों, खड़ी गाड़ियों समेत एक ऑटो को टक्कर मार दी। यह घटना रविवार करीब 3:15 बजे कानपुर के ग्वालटोली इलाके में रेव-3 मॉल के पास हुई। बताया जा रहा है कि करीब 12 करोड़ रुपये की लेम्बॉर्गिनी कार तेज़ रफ्तार में सड़क पर दौड़ रही थी। कार ने पहले एक ऑटो-रिक्शा को टक्कर मारी, फिर सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल को कुचल दिया। मोटरसाइकिल का मालिक उछलकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा। इस हादसे में कुल 6 लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
करोड़पति कारोबारी के बेटे पर आरोप
इस लग्ज़री कार को कथित तौर पर शिवम मिश्रा चला रहा था , जो तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार बेहद तेज़ थी और चालक नशे में था। टक्कर के बाद भी कार रोकने की बजाय आरोपी भागने की कोशिश करता रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद शिवम मिश्रा के साथ मौजूद बाउंसर उसे बचाने में जुट गए। एक वीडियो में देखा गया कि बाउंसर शिवम को कार से निकालकर भीड़ से दूर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान आम लोगों के साथ बदसलूकी भी की गई। गुस्साई भीड़ ने लेम्बॉर्गिनी के शीशे तोड़ दिए और आरोपी को पकड़ लिया। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिवम मिश्रा को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस पर भी खड़े हुए सवाल
इस मामले में तौफीक अहमद नाम के व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर के मुताबिक, वह अपने दोस्त का इंतज़ार कर रहा था तभी तेज़ रफ्तार लेम्बॉर्गिनी ने पहले पास में खड़ी रॉयल एनफील्ड बाइक को टक्कर मारी और फिर उसे कुचलते हुए तौफीक को भी चपेट में ले लिया। तौफीक को गंभीर चोटें आई हैं, खासकर उसके पैर में। हैरानी की बात यह रही कि शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर में आरोपी का नाम “अज्ञात व्यक्ति” लिखा। जबकि शिवम मिश्रा मौके पर मौजूद था और उसे अस्पताल भी ले जाया गया था। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने और जनता के दबाव के बाद पुलिस ने एफआईआर में शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच में यह साबित हुआ है कि शिवम मिश्रा घटना के समय मौके पर मौजूद था और वही कार चला रहा था। पुलिस अब शराब पीकर गाड़ी चलाने, लापरवाही से ड्राइविंग और लोगों को गंभीर चोट पहुंचाने जैसी धाराओं में केस की जांच कर रही है।
कौन है शिवम मिश्रा?
शिवम मिश्रा कोई नया नाम नहीं है। साल 2024 में वह तब सुर्खियों में आया था जब आयकर विभाग ने उसके पिता केके मिश्रा की कंपनी बंशीधर टोबैको प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी कानपुर, मुंबई, दिल्ली और गुजरात में की गई थी। जांच में सामने आया था कि कंपनी ने आय कम दिखाई थी जबकि असल कारोबार कहीं ज्यादा था। दिल्ली के वसंत विहार में शिवम मिश्रा की आलीशान जिंदगी भी चर्चा में रही है। उसके पास करीब 50 करोड़ रुपये की लग्ज़री गाड़ियों का काफिला है, जिन पर एक ही नंबर प्लेट ‘4018’ लगी है। इनमें रोल्स रॉयस फैंटम, मैक्लारेन, पोर्श और वही लेम्बॉर्गिनी रेवुएल्टो शामिल है, जिसने कानपुर में लोगों को रौंदा।

