
Jharkhand: सारंडा में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन, दो दिनों में 21 नक्सली ढेर
Naxal encounter: वर्ष 2022 से अब तक कोल्हान क्षेत्र के सारंडा जंगल में हुई कई विस्फोट और हिंसक घटनाओं में अनल उर्फ पतिराम मांझी की प्रमुख भूमिका रही थी। उसकी मौत से नक्सलियों की कमान कमजोर हुई है।
Jharkhand Naxal encounter: झारखंड स्थित सारंडा के घने जंगल कभी नक्सलियों के लिए सबसे मजबूत पनाहगाह माने जाते थे, अब सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई के गवाह बन रहे हैं। झारखंड को नक्सलवाद से मुक्त करने के मिशन में सुरक्षाबलों ने ऐसा प्रहार किया है, जिसने माओवादी नेटवर्क की नींव हिला दी है। लगातार दो दिनों की मुठभेड़ों में बड़े इनामी नक्सलियों के मारे जाने से यह साफ हो गया है कि अब जंगलों में कानून का शिकंजा और कसने वाला है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 6 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मारे गए नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
संगठन को बड़ा झटका
इससे पहले गुरुवार को इसी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 15 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें डेढ़ करोड़ और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली भी शामिल थे। लगातार दो दिनों में कुल 21 नक्सलियों के मारे जाने से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।
भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
सुरक्षाबलों ने मारे गए नक्सलियों के पास से अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इससे नक्सलियों की लड़ाकू क्षमता और नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचा है। गुरुवार को मारे गए प्रमुख नक्सलियों में अनल उर्फ पतिराम मांझी (CCM) भी शामिल है। उस पर झारखंड में एक करोड़ रुपये, ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख रुपये और एनआईए द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसकी मौत को सुरक्षा एजेंसियां नक्सल नेटवर्क के लिए निर्णायक झटका मान रही हैं। अनल के साथ मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा और सुरजमुनी जोंगा शामिल हैं। इन सभी पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
सारंडा में हिंसा की घटनाओं में अहम भूमिका
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक कोल्हान क्षेत्र के सारंडा जंगल में हुई कई विस्फोट और हिंसक घटनाओं में अनल उर्फ पतिराम मांझी की प्रमुख भूमिका रही थी। उसकी मौत से नक्सलियों की कमान कमजोर हुई है। सुरक्षाबलों का कहना है कि इस अभियान से माओवादी संगठन की कमर टूट चुकी है। आने वाले दिनों में क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने के लिए ऑपरेशन और तेज किया जाएगा।

