दिल्ली में बाइक सवार की मौत को लेकर बवाल, कैंडल मार्च के दौरान AAP के सौरभ भारद्वाज हिरासत में
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रविवार को जनकपुरी में हादसे वाली जगह जाने की कोशिश में सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया

दिल्ली में बाइक सवार की मौत को लेकर बवाल, कैंडल मार्च के दौरान AAP के सौरभ भारद्वाज हिरासत में

रविवार को सौरभ भारद्वाज और अन्य पार्टी नेताओं ने मृतक की याद में मोमबत्तियां जलाने के लिए घटनास्थल की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।


दिल्ली के रोहिणी इलाके में जल बोर्ड के गड्ढे में बाइक सवार की मौत के मामले में बवाल मचा हुआ है। रविवार को कैंडल मार्च के दौरान AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सौरभ भारद्वाज अपनी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ जनकपुरी पहुंचे थे, जहां वे दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा खोदे गए करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत के मामले में विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।

हिरासत के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिस AAP नेताओं को उस समय भी हिरासत में ले रही है, जब वे केवल मृतक को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए थे। उन्होंने इसे तानाशाही करार दिया।

मृतक की पहचान कमल ध्यानी के रूप में हुई है, जो रोहिणी सेक्टर-10 में कार्यरत एक निजी बैंक कर्मचारी थे। गुरुवार की रात वह बाइक से घर लौट रहे थे, तभी सीवर पाइपलाइन मरम्मत प्रोजेक्ट के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से उनकी मौत हो गई।

रविवार को सौरभ भारद्वाज और अन्य पार्टी नेताओं ने मृतक की याद में मोमबत्तियां जलाने के लिए घटनास्थल की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से कहा कि वे कोई नारेबाजी नहीं कर रहे थे और केवल श्रद्धांजलि देने के बाद लौटने वाले थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें रोका।

मीडिया रिपोर्ट्स में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि AAP नेता विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारी ने कहा, “उन्हें मौके से हटाया गया और हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें पास के एक पुलिस थाने ले जाया गया और फिर रिहा कर दिया गया।”

इसके बाद सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पुलिस वाहन से लाइव प्रसारण करते हुए कहा कि वह और उनके साथी कमल ध्यानी को श्रद्धांजलि देने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके हाथों से मोमबत्तियां छीन लीं और मृतक का नाम व फोटो लगे पोस्टर फाड़ दिए।

उन्होंने कहा, “पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी थी। हमने कहा कि कोई नारेबाजी नहीं की जा रही है और हम मोमबत्तियां जलाकर लौट जाएंगे।”

एक अन्य पोस्ट में सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या श्रद्धांजलि देना कोई अपराध है और दावा किया कि उन्हें ‘गिरफ्तार’ कर थाने ले जाया गया।



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