ना रसूख काम आया, ना पैसा, कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में शिवम मिश्रा गिरफ्तार
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ना रसूख काम आया, ना पैसा, कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में शिवम मिश्रा गिरफ्तार

कानपुर पुलिस ने लैंबॉर्गिनी केस में आरोपी शिवम मिश्रा ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि शिवम मिश्रा की तरफ से दलील दी गई थी कि कार उसका ड्राइवर चला रहा था।


Kanpur Lamborghini Case: ना पिता की दौलत ना रसूख कुछ भी काम नहीं आया। पिछले चार दिन हर तरह की ताल तिकड़म कानपुर का टौबैको कारोबारी के के मिश्रा अपने बेटे शिवम मिश्रा को बचाने के लिए किया। लैंबॉर्गिनी को उसका बेटा नहीं बल्कि ड्राइवर चला रहा था। ड्राइवर ने बयान भी दिया कि कार भइया यानी शिवम मिश्रा नहीं वो चला रहा था। इस तरह की खबर भी आई कि पीड़ित और आरोपी के बीच समझौता भी हो चुका है। लेकिन अदालत ने एक भी दलील को मानने से इनकार कर दिया और चार दिन बाद यानी 12 फरवरी को कानपुर पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।

मेडिकल परीक्षण के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन घायलों के विरोध के बाद शिवम मिश्रा का नाम एफआईआर में शामिल किया गया।


क्या है मामला

8 फरवरी को वीआईपी रोड स्थित रेव थ्री मॉल के पास तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार ने पहले एक ऑटो को टक्कर मारी। इसके बाद बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग उसकी चपेट में आ गए। कार अंत में एक बिजली के पोल से टकराकर रुकी। इस दुर्घटना में एक राहगीर भी घायल हुआ।

ड्राइवर के नाम पर बचाव की कोशिश

घटना के बाद आरोपी पक्ष का दावा था कि कार शिवम नहीं, बल्कि उसका ड्राइवर चला रहा था। ड्राइवर मीडिया के सामने आकर खुद को चालक भी बताया।हालांकि, पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।

पिता का बयान और पुलिस कार्रवाई

शिवम के पिता केके मिश्रा ने कहा था कि उनका बेटा दिल्ली में इलाज करा रहा है। लेकिन पुलिस के अनुसार वह कानपुर में ही छिपा हुआ था। घटना के चार दिन बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

सीसीटीवी और चश्मदीद गवाहों से पुष्टि

घटना के बाद सामने आए वीडियो में शिवम को ड्राइविंग सीट से बाहर निकलते देखा गया था। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के आधार पर पुष्टि हुई है कि कार वही चला रहा था।

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