
तमिलनाडु चुनाव में विजय की भूमिका पर सस्पेंस, किसे होगा फायदा?
विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम तमिलनाडु 2026 चुनाव में एक्स फैक्टर बनकर उभरे हैं, NDA और विपक्ष दोनों उनकी अगली चाल पर नजर रखे हुए हैं।
जैसे-जैसे तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में राजनीतिक गठबंधन धीरे-धीरे आकार ले रहे हैं। सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) ने लगभग कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ अपना गठबंधन तय कर लिया है। वहीं विपक्षी खेमे में एआईएडीएमके, भारतीय जनता पार्टी के साथ एनडीए के तहत तालमेल बना रही है। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा चेहरा है जो राज्य की चुनावी गणित में एक्स फैक्टर बनकर उभर रहा है अभिनेता से नेता बने विजय Vijay और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम।
गठबंधनों के बीच वोट का अंतर
‘Talking Sense With Srini’ कार्यक्रम में एस श्रीनिवासन, एडिटर-इन-चीफ,द फेडरल ने कहा कि बीजेपी, टीवीके के अगले कदम पर करीबी नजर बनाए हुए है।उनका मानना है कि राज्य के दो प्रमुख गठबंधनों के बीच जो अंतर दिखाई दे रहा है, उसे पाटने में विजय की भूमिका अहम हो सकती है।
उन्होंने कहा “AIADMK भले ही अपना गठबंधन तैयार करने में सफल रही हो, लेकिन अनुमान है कि DMK गठबंधन और AIADMK गठबंधन के बीच लगभग 5 से 6 प्रतिशत या उससे ज्यादा का वोट अंतर हो सकता है। ऐसे में विजय एक महत्वपूर्ण फैक्टर बन जाते हैं।
चुनाव में ‘स्पॉइलर’ बन सकते हैं विजय
श्रीनिवासन के अनुसार, विजय चुनावी मुकाबले में एक स्पॉइलर की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि उनका मानना है कि यदि TVK के कारण किसी गठबंधन को ज्यादा नुकसान होगा तो वह संभवतः AIADMK के नेतृत्व वाला गठबंधन होगा, न कि DMK का। उन्होंने कहा “यह सवाल कि इससे DMK को ज्यादा नुकसान होगा या AIADMK को संभावना है कि AIADMK को ज्यादा नुकसान हो। यही वजह है कि NDA निश्चित रूप से चाहता है कि विजय उसके साथ आएं।हालांकि अभी तक इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि TVK औपचारिक रूप से NDA में शामिल होगी।
विजय के सामने कई चुनौतियां
चुनाव से पहले विजय को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। करूर भगदड़ मामले से जुड़ी जांच और सीबीआई की बार-बार की समन ने उनके सामने राजनीतिक और व्यावहारिक कठिनाइयां खड़ी कर दी हैं। श्रीनिवासन ने कहा “यह अच्छी बात नहीं है कि जब उन्हें चुनाव प्रचार की तैयारी में पूरी तरह व्यस्त होना चाहिए, तब उन्हें दिल्ली जाकर सीबीआई के सामने पेश होना पड़ रहा है।”
फिल्म और निजी जीवन से जुड़ी परेशानियां
विजय की राजनीतिक राह में कुछ और मुश्किलें भी हैं। उनकी राजनीतिक विषय पर आधारित फिल्म जन नायगन की रिलीज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा उनकी पत्नी संगीता सोरनालिंगम द्वारा दायर तलाक का मामला भी चर्चा में है।
श्रीनिवासन का कहना है कि इन आरोपों से उस साफ-सुथरी छवि को नुकसान पहुंच सकता है जिसके साथ विजय ने राजनीति में कदम रखा था।उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ नकारात्मक धारणा बनने लगती है, तो यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा।
NDA से जुड़ना सही कदम होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि क्या विजय को NDA के साथ जाना चाहिए। श्रीनिवासन का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा पर आधारित है, जो अन्य राज्यों से काफी अलग है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में अभिनेता-राजनेता पवन कल्याण गठबंधन के जरिए सफल हुए हैं, लेकिन तमिलनाडु की परिस्थितियां अलग हैं। उनके अनुसार अगर विजय अचानक बीजेपी को वैचारिक दुश्मन कहें और फिर रातों-रात उसी के साथ गठबंधन कर लें, तो यह राजनीतिक रूप से आत्मघाती कदम हो सकता है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति की बुनियाद अलग है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

