यूपी पुलिस भर्ती में आयु सीमा का सवाल, योगी को अपनों ने लिखा पत्र, विपक्ष ने घेरा
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पुलिस भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की ऐज लिमिट का विवाद गहराया

यूपी पुलिस भर्ती में आयु सीमा का सवाल, योगी को अपनों ने लिखा पत्र, विपक्ष ने घेरा

भाजपा-एनडीए के विधायकों ने यूपी पुलिस भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की माँग की है।उन्होंने यूपी सीएम को उनका वायदा याद दिलाया है।इधर अखिलेश यादव और चंद्रशेखर ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है।


Age limit row deepens in UP Police recruitment : यूपी पुलिस की सीधी भर्तियों में सामान्य वर्ग को आयु सीमा में छूट देने का मामला अब सरकार के लिए बड़ा सवाल बनता जा रहा है।बीजेपी-एनडीए के कई विधायकों ने न सिर्फ़ इसकी माँग कर दी है बल्कि मुख्यमंत्री को उनका पुराना वायदा याद दिला दिया है।विधायकों के यूपी सीएम को लिखे कई पत्र सामने आने के बाद अब सरकार के लिए इस मुद्दे पर ध्यान देना ज़रूरी हो गया है।ख़ास बात यह है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आज़ाद समाज पार्टी चीफ चन्द्रशेखर ने भी आयुसीमा बढ़ाने की माँग करते हुए सरकार को घेरा है।

विधायकों ने लिखा पत्र, सीएम का आश्वासन याद दिलाया-

यूपी पुलिस की 32,679 पदों में सीधी भर्ती के लिए साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को आवेदन मांगे गए।उसके बाद से सरकार के सामने एक बड़ा सवाल आ गया।भाजपा के कई विधायकों ने खुल कर भर्ती विज्ञप्ति में लिखित आयु सीमा बदलने को लेकर मुख्यमंत्री से माँग कर दी। देवरिया से विधायक डॉ शलभ मणि त्रिपाठी ने इसकी माँग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में मानवीय आधार पर छूट देने के लिए कहा।शलभ मणि त्रिपाठी ने लिखा ‘भर्ती प्रक्रिया में देरी होने से लाखों युवा आयु सीमा पार कर चुके हैं।यह उनके लिए ही नहीं उनके परिवारों के लिए भी पीड़ादायक है।’ उन्होंने माँग की कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की आयुसीमा को 3 साल बढ़ाकर 25 वर्ष किया जाए।उसके बाद एक और विधायक निषाद पार्टी के अनिल कुमार त्रिपाठी ने यह माँग करते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख दी।अनिल कुमार त्रिपाठी ने लिखा कि 'प्रदेश में पिछली बार पुलिस में सीधी भर्ती 16 नवंबर 2018 को हुई थी।इस तरह 7 वर्षों के दौरान पीएसी, जेल वार्डर की कोई भर्ती न होने की वजह से लाखों युवा इस आयु सीमा से बाहर जा चुके हैं।’ विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को उनका अपना ही वायदा याद दिला दिया है जिसमें उन्होंने गोरखपुर और लखनऊ में जानता दरबार में पुलिस अभ्यर्थियों से वायदा किसी था कि आयुसीमा में 3 साल की छूट दी जाएगी।

इसके अलावा योगी सरकार में राज्य मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने भी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की आयुसीमा बढ़ाने को लेकर यूपी सीएम को पत्र लिखा है।उन्होंने भी यूपी सीएम को युवाओं को दिया गया उनका आश्वासन याद दिलाया। यही नहीं, भाजपा विधायक दिनेश रावत ने भी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की माँग करते हुए सरकार के भर्ती आदेश कर सवाल उठा दिया है। विधायक दिनेश रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि आयुसीमा में छूट न मिलने से लाखों योग्य और मेहनती युवा ख़ुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।भाजपा विधायकों के पत्रों के सार्वजनिक होने के बाद सरकार के लिए इस मुद्दे पर ध्यान देना ज़रूरी हो गया क्योंकि विपक्ष पहले से ही इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा था।

अखिलेश यादव, चंद्रशेखर ने सरकार को घेरा-

दरअसल पुलिस भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी होते ही अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट देने के लिए माँग न सिर्फ़ भाजपा और सहयोगी दलों के विधायकों- मंत्रियों ने उठा दिया बल्कि विपक्षी नेताओं ने भी इस मौके को लपक लिया।समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह माँग करते हुए निशाना साधा तो वहीं आज़ाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आज़ाद में भी मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया है।अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करके योगी सरकार को घेरा है।अखिलेश यादव ने लिखा है ‘भाजपा सरकार की ख़ामियों के कारण अनियमित हुई पुलिस भर्ती और उसकी वजह से ओवरएज हो गये अभ्यर्थियों को उम्र की छूट देकर उप्र सरकार नव वर्ष का तोहफ़ा दे।भाजपा सरकार की लचर और दोषपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का ख़ामियाज़ा बेरोज़गार युवा क्यों भुगतें। हम पुलिस भर्ती के हर अभ्यर्थी की माँग के साथ हैं।’ वहीं आज़ाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आज़ाद ने सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को ऐज लिमिट में छूट देने की माँग करते हुए यूपी सीएम को पत्र लिख दिया है।

32 हज़ार से ज़्यादा पदों पर होनी है भर्ती-

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ( UPPRPB) ने यूपी पुलिस में 32,679 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किये गए हैं।नागरिक पुलिस, विशेष सुरक्षा बल, पीएसी, पीएसी की महिला वाहिनियों, जेल वार्डर के पदों पर भर्ती के लिए आरक्षित वर्ग आयुसीमा 27 रखी गई है जबकि सामान्य वर्ग के लिए आयुसीमा 18 से 22 वर्ष है।पिछली भर्तियों में विवाद रहा तो लंबे समय से यूपी पुलिस में भर्ती नहीं हुई है।ऐसे में पुलिस में शामिल होने के लिए तैयारी कर रहे लाखों युवा ओवर ऐज हो गए हैं।इसके लिए अब विपक्ष ही नहीं सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने खुलेआम माँग ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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