Ajit Pawar Plane Crash: रोहित पवार के तीखे सवालों से गरमाई सियासत, कांग्रेस और AAP ने दिया समर्थन
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Ajit Pawar Plane Crash: रोहित पवार के तीखे सवालों से गरमाई सियासत, कांग्रेस और AAP ने दिया समर्थन

अजित पवार से जुड़े विमान हादसे को लेकर रोहित पवार के तीखे और गंभीर सवालों से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी रोहित के सवालों का समर्थन किया है।


Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब विधायक रोहित पवार ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे को लेकर कई सवाल उठाए। उनके इन सवालों को अब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) का भी समर्थन मिल गया है। दोनों पार्टियों ने कहा है कि इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

मंगलवार को कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रमुख प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि रोहित पवार जो सवाल उठा रहे हैं, उनमें तर्क है। उन्होंने कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद हो चुका है, इसलिए अब यह साफ होना चाहिए कि आखिर हादसा कैसे हुआ। अतुल लोंढे ने मांग की कि रोहित पवार द्वारा लगाए गए आरोपों और उठाए गए संदेहों की भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए और सभी तथ्य जनता के सामने रखे जाएं।

इसी तरह आम आदमी पार्टी ने भी रोहित पवार के सवालों का समर्थन किया है। AAP के प्रवक्ता मुकुंद किरदत ने कहा कि रोहित पवार ने सही तरीके से कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, लेकिन जांच में रोहित पवार द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। अगर सच्चाई जनता के सामने आएगी तो लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि विमान कंपनियां किस तरह काम करती हैं और अपने विमानों का रखरखाव कैसे करती हैं।

रोहित पवार ने उठाए गंभीर सवाल

मंगलवार को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब अजित पवार को कार से यात्रा करनी थी, तो उन्हें विमान से यात्रा करने के लिए क्यों मजबूर किया गया? उन्होंने यह भी सवाल किया कि आखिरी समय पर दोनों पायलट क्यों बदले गए? इसके अलावा उन्होंने पूछा कि वीएसआर कंपनी के विमान को मेंटेनेंस सर्टिफिकेट किसने जारी किया और वह रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है?

रोहित पवार का कहना है कि इन सभी सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। उनका मानना है कि जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आएगी, तब तक संदेह बना रहेगा। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए इसकी पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।

इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। एक तरफ विपक्ष सरकार पर दबाव बना रहा है कि जांच निष्पक्ष हो और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, वहीं सरकार का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और उचित समय पर जानकारी दी जाएगी।

फिलहाल, इस मामले में जांच चल रही है और ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि हादसे के असली कारणों का पता चल सकेगा। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि हादसा तकनीकी कारणों से हुआ या इसमें कोई और वजह थी।

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