
सुनेत्रा पवार का महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बनना तय, आज शाम हो सकती है शपथ
एनसीपी विधायक दल की बैठक आज होने जा रही है और माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद सुनेत्रा के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
अब ये लगभग तय हो गया है कि दिवंगत अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी। पार्टी सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आज (शनिवार 31 जनवरी 2026 ) को एनसीपी के विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल की नेता चुना जाएगा। ऐसी संभावना है कि आज शाम को ही उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।
इस घटनाक्रम में तेजी आई मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात के बाद। मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास में मिलने गए प्रतिनिधि मंडल में राज्यसभा सांसद और एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल और विधायक धनंजय मुंडे जैसे नेता शामिल थे। इसके बाद ही यह तय हुआ कि शनिवार को एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि यह बैठक एनसीपी की आंतरिक विचार-विमर्श प्रक्रिया से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए थी। उस आंतरिक विचार-विमर्श में ही सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की बात पर आम राय सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया है कि बीजेपी ने इस बारे में फैसला एनसीपी पर छोड़ दिया है। फडणवीस सरकार गठबंधन के सहयोगियों के बीच शक्ति संतुलन की वही स्थिति बनाए रखेगी जोकि अजित पवार के निधन से पहले की थी, मतलब एक डिप्टी सीएम एनसीपी का और एक डिप्टी सीएम शिंदे गुट की शिवसेना का।
बीजेपी 288 सदस्यीय विधानसभा में 137 विधायकों (पांच सहयोगियों सहित) के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। देवेंद्र फडणवीस ने 5 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उनके साथ एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद संभाला था। उसी महीने मंत्रिमंडल का विस्तार भी हुआ। अभी सरकार में बीजेपी के पास मुख्यमंत्री सहित 20 मंत्री पद हैं। शिवसेना के पास एकनाथ शिंदे सहित 12 मंत्री हैं जबकि माणिकराव कोकाटे को हटाए जाने और अजित पवार के निधन से एनसीपी के मंत्रियों की संख्या घटकर 8 रह गई है। महाराष्ट्र में स्वीकृत 43 मंत्रियों की संख्या में फिलहाल एक पद खाली है।

