
UP SIR में ‘भगवानदास के घर मो. अफजल’, योगी के बयान पर बोले अखिलेश— काल बनेगा 'कालनेमि'
Voter List: सपा अध्यक्ष ने कहा कि 3 करोड़ से अधिक लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है, लेकिन इसकी पूरी जानकारी चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को नहीं दे रहा।
UP Politics: लखनऊ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि लोकतंत्र की सबसे मज़बूत कड़ी 'वोट' के साथ ही खेल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट का काम भाजपा ने किसी निजी कंपनी को आउटसोर्स कर दिया है।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जारी की गई वोटर लिस्ट में ऐसे नाम सामने आ रहे हैं, जो बिल्कुल गलत और मजाक जैसे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “भगवानदास के घर में मोहम्मद अफजल” जैसे नाम जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे जानबूझकर वोटर लिस्ट का मजाक बनाया गया हो और इसे “सेकुलर वोटर लिस्ट” कहा जा रहा है।
अखिलेश यादव शनिवार को समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2022 के उपचुनाव में पूरी तरह से धांधली हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने कपड़े बदलकर वोट डाले और कई बूथों पर खुलेआम लूट हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में बार-बार समय बढ़ाया गया, जिससे साफ है कि सरकार इसके लिए पहले से तैयार नहीं थी।
नोटिस पर सवाल
सपा अध्यक्ष ने कहा कि 3 करोड़ से अधिक लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है, लेकिन इसकी पूरी जानकारी चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को नहीं दे रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। अधिकारी सरकार के इशारे पर गड़बड़ी कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने याद दिलाया कि पहले कहा गया था कि मैपिंग के दौरान मतदाताओं को नोटिस नहीं दिया जाएगा, लेकिन अब लाखों लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
‘कालनेमि’ बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमि’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग कालनेमि को याद कर रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि कलयुग के कालनेमि कौन हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कालनेमि ही इनका काल बनकर आएगा।
केजीएमयू और मजार विवाद पर बयान
केजीएमयू परिसर से मजार हटाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार ऐसा कर रही है तो फिर केजीएमयू को भी हटवा देना चाहिए, क्योंकि इसे ईसाइयों ने बनवाया था।

