
यूपी में राजभर बनाम राजभर : एक-दूसरे पर जमकर बरसे योगी सरकार के दो मंत्री
अनिल राजभर के भला-बुरा कहने के बाद ओपी राजभर ने भाजपा नेतृत्व से शिकायत की है और इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी पर आपत्ति जताई है।
यूपी में योगी मंत्रिमंडल में शामिल दोनों राजभर, इन दिनों एक-दूसरे को भर-भर कर कोस दे रहे हैं। शुक्रवार को तो यूपी सरकार में श्रम एवं सेवा नियोजन मंत्री अनिल राजभर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर खुलेआम भड़क गए। उन्होंने ओमप्रकाश राजभर और उनके समर्थकों को मंच से ही “चोर” तक कह दिया, जिससे कार्यक्रम में भारी तनाव पैदा हो गया।
घटना वाराणसी के सुहेलदेव पार्क की है, जहां महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती मनाई जा रही थी। मंच से अनिल राजभर महाराजा सुहेलदेव के जीवन पर संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान पीला गमछा पहने ओपी राजभर के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। आयोजकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन नारेबाजी नहीं थमी।
इस पर अनिल राजभर भड़क उठे और मंच से कहा, “जैसे इनके नेता चोर हैं, वैसे ही ये लोग भी हैं। ये समाज को बेचने का काम करते हैं।”
इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों से इशारा करते हुए नारेबाजी कर रहे लोगों को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालने को कहा। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
अनिल राजभर शुरू से ही सुभासपा के साथ गठबंधन के खिलाफ रहे हैं और इससे पहले भी ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ बयान दे चुके हैं।
गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और सुभासपा साथ थे और अनिल राजभर ने शिवपुर सीट से जीत दर्ज की थी। लेकिन 2022 के चुनाव में ओपी राजभर ने सपा से गठबंधन कर उसी सीट से अपने बेटे अरविंद राजभर को मैदान में उतार दिया। इसके बावजूद अनिल राजभर चुनाव जीत गए। इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया।
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर पाला बदला और भाजपा के साथ आ गए, जिसके बाद उन्हें यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, इस बयानबाजी के बाद ओपी राजभर ने भाजपा नेतृत्व से शिकायत की है और इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी पर आपत्ति जताई है। हालांकि ओमप्रकाश राजभर ने इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पहले एनडीए के अन्य सहयोगियों को लेकर भी बयानबाजी सामने आ चुकी है। योगी सरकार में गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद के खिलाफ भी सहयोगी दलों के बीच बयानबाजी हो चुकी है, जिससे गठबंधन के भीतर असहजता साफ दिख रही है।

