‘मेरी बेटी नहीं झुकी’, अंकिता के पिता का ऐलान, CBI पर भी सवाल
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‘मेरी बेटी नहीं झुकी’, अंकिता के पिता का ऐलान, CBI पर भी सवाल

देहरादून में अंकिता न्याय मंच की महापंचायत में VIP खुलासे, गिरफ्तारी और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग उठी।


Ankita Bhandari News: अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में वक्ताओं ने अंकिता भंडारी के माता-पिता की ओर से एफआईआर दर्ज कराने, मामले में कथित वीआईपी का खुलासा करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता भी मंच पर मौजूद रहे।महापंचायत में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और महिला संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया।

हरीश रावत ने उठाए सवाल, जांच में देरी पर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी अपने परिवार की गरीबी दूर करने की उम्मीद में रिजॉर्ट में नौकरी करने गई थीं। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने में देरी और अहम साक्ष्य समय पर एकत्र न किए जाने पर सवाल उठाए। रावत ने कहा कि सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि अंकिता के माता-पिता की ओर से एफआईआर दर्ज कराकर सीबीआई जांच की सिफारिश क्यों नहीं की गई।

सीपीआई (माले) के नेता इंद्रेश मैखुरी ने अंकिता हत्याकांड की तुलना एपस्टीन फाइल्स से करते हुए कहा कि सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत और निर्मला बिष्ट ने भी अपने विचार रखे।

‘सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में हो जांच’ — पिता वीरेंद्र सिंह

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब मेरी बेटी नहीं झुकी, तो मैं कैसे झुक सकता हूं। मंच पर मौजूद अंकिता की मां सोनी देवी अपने आंसू नहीं रोक सकीं।

महापंचायत में जस्टिस फॉर अंकिता मंच श्रीनगर की रेशमा पंवार, महिला किसान अधिकार मंच ऊधमसिंह नगर की हीरा जंगपांगी, उत्तराखंड महिला मंच नैनीताल की बसंती पाठक, राज्य आंदोलनकारी ऊषा भट्ट और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की उमा भट्ट ने पंच की भूमिका निभाई।

स्वामी दर्शन भारती का आरोप: ‘नेपाल की तर्ज पर माहौल बिगाड़ने की साजिश’

दूसरी ओर देवभूमि रक्षा अभियान के संस्थापक स्वामी दर्शन भारती ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की आड़ में कुछ लोग प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच चल रही है और चाहे वीआईपी हो या कोई ताकतवर, कोई भी दोषी नहीं बचेगा।उन्होंने आशंका जताई कि कुछ स्वार्थी तत्व उत्तराखंड के युवाओं को नेपाल जैसी परिस्थितियों की ओर धकेल कर राज्य में अराजकता फैलाना चाहते हैं।

स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि इस हत्याकांड के दोषी पहले से जेल में सजा काट रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल ही में वीआईपी को लेकर सामने आई चर्चाओं के बाद उन्होंने उर्मिला सनावर को सुरक्षित रूप से जनता के सामने लाया। उनके अनुसार, यदि उर्मिला के साथ कोई अनहोनी होती तो साक्ष्य मिटाने के आरोप लगते और प्रदेश में अशांति फैल सकती थी।

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