अविमुक्तेश्वरानंद ने फिर की यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ, बोले-समझदार नेता को दबा दिया गया
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यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शंकराचार्य के लिए कहा था कि उनके चरणों में शीश झुकाकर निवेदन करता हूं कि संगम में स्नान कर विवाद खत्म करें

अविमुक्तेश्वरानंद ने फिर की यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ, बोले-समझदार नेता को दबा दिया गया

यूपी में प्रयागराज माघ मेले में हुए विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर अलग-अलग स्टैंड है। शंकराचार्य ने योगी के डिप्टी मौर्य की फिर से तारीफ की।


प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों के साथ हुई घटना के बाद यूपी में बीजेपी के सत्ता के शीर्ष पर जिस तरह से मतभेद उभर आए थे, उसे अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने बयान से फिर से हवा दी है। शंकराचार्य ने एक बार फिर डिप्टी सीएम केशव मौर्य की तारीफ की।

मौर्य एक समझदार नेता-अविमुक्तरेश्वरानंद

सोमवार सुबह उन्होंने कहा, 'अगर केशव मौर्य का बस चलता तो वो कब का हमें नहलाकर चले गए होते। उनको डांटा जा रहा है। यहां आने नहीं दिया जा रहा है। एक समझदार नेता को दबा दिया

दरअसल, रविवार को केशव मौर्य प्रयागराज पहुंचे। सर्किट हाउस में शंकराचार्य विवाद से जुड़े सवाल पर कहा, 'जब मुझसे बात करने को कहा जाएगा, जरूर करूंगा। मैं पूज्य शंकराचार्य से प्रार्थना कर सकता हूं, उनके चरणों में शीश झुकाकर निवेदन करता हूं कि संगम में स्नान कर विवाद खत्म करें।'

माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 9 दिन से विवाद चल रहा है। कम या खत्म होने की बजाय मामला बढ़ता जा रहा है। रविवार को अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था, 'कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा।'

वहीं, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में आ गए। उन्होंने कहा, 'किसी व्यक्ति को यह साबित करना पड़े कि वह शंकराचार्य है, इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है।'

अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने शिविर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया है। अंदर जाने के सभी रास्ते ब्लॉक कर दिए हैं।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान के लिए जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर पैदल जाने को कहा। विरोध पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। मारपीट हुई। पुलिस उनकी पालकी खींचकर दूर ले गई। इसके बाद वे शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने दो नोटिस दिए। पहले में शंकराचार्य की पदवी लिखने पर और दूसरे में मौनी अमावस्या के दिन हंगामा करने पर सवाल पूछे।

चेतावनी दी गई कि माघ मेले से बैन किया जा सकता है। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिसों का जवाब दिया। 24 जनवरी की रात उनके शिविर में कट्टर सनातनी सेना के 8–10 युवक नारे लगाते पहुंचे और घुसने की कोशिश की। ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ और ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इस पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- जितना जुल्म होगा, उतनी मजबूती से कदम उठाऊंगा।

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