
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौरक्षा के लिए 3 मई से यात्रा की घोषणा की
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जो गोहत्या नहीं रोक पा रहे हैं ऐसे सरकार को अपने मतदान से चुनने वाले भी नर्क के भागी होंगे।
गोरक्षा के संकल्प के साथ काशी से यात्रा कर लखनऊ पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 3 मई से ‘ समग्र गविष्ठी गोयुद्ध यात्रा’ का ऐलान कर दिया है।यूपी में 81 दिन तक चलने वाली इस यात्रा के ज़रिए गोरक्षा और गोप्रतिष्ठा का अभियान तेज़ किया जाएगा।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग ऐसी सरकारों को चुनते हैं जो गो हत्या को नहीं रोक पा रहे हैं वो नर्क के भागी होते हैं।सभा में उनसे मिलने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी पहुंचे।
यूपी में 3 मई से होगी गविष्ठी गोयुद्ध यात्रा-
काशी से शुरू हुई शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की यात्रा के अंतिम पड़ाव में लखनऊ में धर्मसभा कर उन्होंने गोरक्षा के लिए आह्वान किया।मान्यवर कांशीराम स्मृति स्थल में आयोजित गोप्रतिष्ठा धर्मसभा में उन्होंने अभियान को तेज़ करने की घोषणा करते हुए 3 मई से पूरे उत्तर प्रदेश में 81 दिन की ‘समग्र गविष्ठी गोयुद्ध यात्रा’ की घोषणा की।उन्होंने मंच से कहा कि गो हत्या की अनुमति देने वाला और मौन रहने वाला भी पाप का भागी है।और जो लोग अपने मतदान से ऐसी सरकारों को चुनते हैं वो नर्क के भागी होंगे।
एक ही झोली में गोभक्तों का वोट और गोहत्यारों का नोट रखने वाले गोरखपंथी नहीं- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने अभियान को धर्मयुद्ध की संज्ञा देते हुए कहा कि जहाँ धर्म पालन करने से बढ़ता है वहाँ अधर्म सहने से ही बढ़ जाता है इसलिए उसका विरोध ज़रूरी है।उन्होंने कहा गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने के लिए यह यात्रा नहीं बल्कि धर्मयुद्ध है।अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी सरकार और यूपी के मुख्यमंत्री पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग एक झोली में गोभक्तों का वोट और गौ हत्यारों का नोट रखने की कोशिश कर रहे हैं वो गोरखपंथी नहीं हो सकते।उन्होंने कहा कि धर्म की शपथ लेने के बाद धर्मनिरपेक्षता की शपथ नहीं ली जा सकती।इससे पहले भी शंकराचार्य यूपी के मुख्यमंत्री को ख़ुद को असली हिंदू साबित करने की चुनौती दे चुके हैं।उन्होंने कहा कि धर्म की शपथ लेने ले बाद धर्म निरपेक्षता की शपथ नहीं ली जा सकती।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी पहुंचे-
शंकराचार्य की सभा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी अपना समर्थन देने पहुंचे।उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस शंकराचार्य में मुद्दे के समर्थन में है।सभा में साधु संत और ब्राह्मण संगठनों के लोग पहुंचे थे पर सभा स्थल पर कुर्सियां खाली रहने की चर्चा भी होती रही।वरिष्ठ पत्रकार दुर्गेश उपाध्याय कहते हैं '' शंकराचार्य के लखनऊ आने से पहले से ही इस मुद्दे पर राजनीति होती रही है।जिस तरह की भाषा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोल रहे हैं वो एक शंकराचार्य की नहीं होनी चाहिए।वो विपक्ष के मोहरे के तौर पर काम कर रहे हैं।हिंदू धर्म में शंकराचार्य के पद का बहुत ज़्यादा महत्व है ऐसे में अगर वो किसी तरह का राजनीतिक बयान देकर यूपी सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं तो वो धर्म नहीं राजनीति की बात कर रहे हैं।’’

