
गोरक्षा का संकल्प लेकर अविमुक्तेश्वरानंद ने लखनऊ कूच किया, कहा 'राजा योगी हो सकता है पर योगी राजा नहीं’
वाराणसी से जौनपुर पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 'एक राजा योगी हो सकता है, योगी राजा नहीं हो सकता।’ इस यात्रा के शुरू होते ही सियासी हलचल तेज़ हो गई है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो रक्षा के मुद्दे पर अभियान का ऐलान करते हुए वाराणसी से लखनऊ के लिए कूच कर दिया है। काशी में इस यात्रा की शुरुआत से पहले इसे ‘धर्म युद्ध’ बताते हुए अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी में गाय को राजमाता घोषित करने और बीफ कर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की माँग की।वाराणसी से जौनपुर पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 'राजा योगी हो सकता है, योगी राजा नहीं हो सकता।’ इस यात्रा के शुरू होते ही सियासी हलचल तेज़ हो गई है।
गोप्रतिष्ठा सभा के ज़रिए सरकार के सामने अपनी माँग रखेंगे-
माघ मेले स्नान विवाद के बाद यूपी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे टकराव की मुद्रा में आए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अब लखनऊ के लिए कूच कर सियासी माहौल को गरमा
दिया है।हालाँकि उनका अभियान पूरी तरह से धार्मिक और गो रक्षा के लिए समर्पित बताया जा रहा है।इसे 'गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा’ का नाम दिया गया है। ख़ुद अभिमुक्तेश्वरानंद इसे गो रक्षा के लिए अभियान कह रहे हैं।पर इस यात्रा और कार्यक्रम को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है।शंकराचार्य की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि इस अभियान का उद्देश्य यूपी सरकार से गोमाता को राजमाता का दर्जा दिलाना और राज्य में गो हत्या और बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगवाना है।
एक राजा योगी हो सकता है पर योगी राजा नहीं : अविमुक्तेश्वरानंद-
लखनऊ तक की यात्रा के पहले पड़ाव में में जौनपुर पहुँचे अविनुक्तेश्वरानंद का साधु संतों और स्थानीय लोगों और संगठनों ने स्वागत किया।अविमुक्तेश्वरानंद में सीधे यूपी सरकार और यूपी के मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा कि 'एक राजा योगी हो सकता है पर योगी राजा नहीं हो सकता।’ अभी लखनऊ पहुँचने में चार दिन का वक्त है पर गो प्रतिष्ठा सभा के आयोजन से पहले ही इसको लेकर सियासी हलचल तेज़ हो गई है।दरअसल माघ मेले में स्नान विवाद के बाद संगम से बिना गंगा स्नान के काशी लौटने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने गो रक्षा के संकल्प और गाय को राजमाता घोषित करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया था।उनका कहना था कि इस दौरान कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वो लखनऊ में जा कर अपनी बात रखेंगे।साथ ही आक्रामक रूख अपनाते हुए अविनुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कहा था कि वो ख़ुद को असली हिंदू साबित करें।
लखनऊ में 11 मार्च को होगी धर्मसभा :
अभिनुक्तेश्वरानंद 11 मार्च को लखनऊ में सभा का आयोजन करेंगे।शनिवार को उन्होंने काशी में मां गंगा का पूजन किया और ‘गो प्रतिष्ठा’ का संकल्प लिया।यह यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव जैसे जिलों से गुजरते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। लखनऊ में आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति स्थल पर एक बड़ी धर्मसभा और गो प्रतिष्ठा कार्यक्रम प्रस्तावित है जहां शंकराचार्य गोरक्षा के लिए सनातनियों से आह्वान करेंगे।हालाँकि यात्रा के दौरान प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभी कोई स्पष्ट स्थिति नहीं बन पायी है। माना जा रहा है कि यह यूपी सीएम के हिंदुत्व के एजेंडे को सीधी चुनौती है।इसी वजह से जहाँ इसको लेकर हलचल है वहीं अखिलेश यादव ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन कर सीधे तौर पर यूपी सरकार और विपक्ष में सियासी टकराव का संकेत भी दिया है।

