
बंगाल में 'खेला' करने को तैयार BJP के धुरंधर, PM मोदी करेंगे 14 रैलियां, शाह-योगी की भी दिखेगी पावर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य ममता बनर्जी की सत्ता को चुनौती देकर राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना है।
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का संकल्प लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार अपनी पूरी ताकत झोंकने जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के किले को फतह करने के लिए बीजेपी ने अपने सबसे बड़े धुरंधरों को मैदान में उतारने का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। राज्य में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं का जमावड़ा अगले महीने से शुरू होने वाला है।
PM मोदी करेंगे 14 रैलियां और रोड शो
बीजेपी के चुनाव प्रचार के केंद्र में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने पुष्टि की है कि पीएम मोदी अगले महीने बंगाल में कुल 14 रैलियां और मेगा रोडशो करेंगे। पीएम की इन सभाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य की जनता के बीच 'सत्ता परिवर्तन' के संदेश को और मजबूती से पहुँचाना है। इससे पहले कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुई रैली में पीएम ने साफ कहा था कि लोगों का उत्साह बता रहा है कि बंगाल की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।
शाह और योगी का 'ताबड़तोड़' प्रचार
प्रधानमंत्री के अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बंगाल के रण में सक्रिय नजर आएंगे। उनके लिए कम से कम 8 रैलियां और रोड शो तय किए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता को देखते हुए उनके भी 8 कार्यक्रम फिक्स किए गए हैं। योगी की रैलियों के जरिए बीजेपी ध्रुवीकरण और विकास के मुद्दों को धार देने की कोशिश करेगी।
दिग्गजों की फौज मैदान में
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन भी बंगाल में पीछे नहीं रहेंगे, वे कम से कम 7 जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा बॉलीवुड सुपरस्टार से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती राज्य में 10 सभाओं और कई रोड शो के जरिए वोटरों को लुभाएंगे। साथ ही जेपी नड्डा भी 6 महत्वपूर्ण कार्यक्रम करेंगे। इसके साथ ही साथ पीयूष गोयल और किरण रिजिजू को भी रैलियां और जनसभाओं की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
बीजेपी का 'सीक्रेट प्लान'
जानकारों की मानें तो बीजेपी इस बार 'दीदी' (ममता बनर्जी) को सीधे व्यक्तिगत तौर पर टारगेट करने के बजाय राज्य के विकास, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर फोकस कर सकती है। पार्टी का मानना है कि पीएम मोदी की रैलियों से जो माहौल बनेगा, उसे अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की सभाएं निर्णायक बढ़त में बदल देंगी।
बीजेपी का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बंगाल में उसकी पैठ बढ़ी है और केंद्रीय मंत्रियों का यह भारी-भरकम जमावड़ा ममता बनर्जी की टीएमसी के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा। अब देखना यह है कि क्या बीजेपी का यह 'मेगा इलेक्शन प्लान' बंगाल की सत्ता के शिखर तक पहुँचने में कामयाब होता है या ममता बनर्जी एक बार फिर अपना किला बचाने में सफल रहती हैं।

