बंगाल SIR में सुप्रीम कोर्ट को मिलीं खामियां, चुनाव आयोग को 1.25 करोड़ नाम प्रकाशित करने का निर्देश
x
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे “संदिग्ध श्रेणी” बताते हुए ECI पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था।

बंगाल SIR में सुप्रीम कोर्ट को मिलीं खामियां, चुनाव आयोग को 1.25 करोड़ नाम प्रकाशित करने का निर्देश

अदालत ने निर्वाचन आयोग को दस्तावेज़ जमा करने और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश देने का निर्देश दिया और पश्चिम बंगाल सरकार से इस प्रक्रिया के लिए पर्याप्त मानव संसाधन सुनिश्चित करने को कहा


सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान “तार्किक विसंगतियों” की श्रेणी में रखे गए सभी 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाएं। पश्चिम बंगाल में अप्रैल–मई में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने यह आदेश SIR प्रक्रिया में कथित प्रक्रियागत अनियमितताओं को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया।

पीठ ने ANI के हवाले से कहा,“ECI ने कुछ लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्हें ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में रखा गया है। इन लोगों को सक्षम बनाने के उद्देश्य से हम निर्देश देते हैं कि उनके नाम ग्राम पंचायत भवनों, ब्लॉक कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं।”

अदालत ने निर्वाचन आयोग को दस्तावेज़ जमा करने और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश देने का निर्देश दिया और पश्चिम बंगाल सरकार से इस प्रक्रिया के लिए पर्याप्त मानव संसाधन सुनिश्चित करने को कहा। इस श्रेणी में आने वाले जिन लोगों ने अब तक अपने दावे या आपत्तियां दाखिल नहीं की हैं, उन्हें 10 दिनों के भीतर ऐसा करना होगा। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि अधिकृत अधिकारी दस्तावेज़ जमा कराने में सुविधा के लिए पत्र जारी करें। पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को प्रक्रिया के सुचारु संचालन और कानून-व्यवस्था की किसी भी समस्या को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

जहां आपत्तियां संतोषजनक पाई जाएंगी, वहां ECI की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आवेदकों को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।

ERONET पोर्टल पर ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी में 1.2 करोड़ से अधिक नाम चिह्नित किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे “संदिग्ध श्रेणी” बताते हुए ECI पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था।

ममता बनर्जी ने कहा था, “ECI ने बंगाल में SIR को लापरवाही और बिना उचित योजना के अंजाम दिया, जिसके चलते मतदाता सूची से करीब 58 लाख नाम हटा दिए गए। जब यह बड़ा सफाया भी BJP के राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा नहीं कर सका, तो ‘तार्किक विसंगतियों’ नाम की एक नई और संदिग्ध श्रेणी गढ़ी गई, जिससे 1.36 करोड़ मतदाताओं को सुनवाई का सामना करना पड़ा, जबकि आयोग ने पूरी सूची तक सार्वजनिक नहीं की।”

इससे पहले ECI ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 जनवरी से बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी थी, जबकि सुनवाई 7 फरवरी तक जारी रहेगी। पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जानी है।

Read More
Next Story