चुनावी साल में योगी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया
x
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू होगा

चुनावी साल में योगी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तत्काल भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रित परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जाएगी।


Click the Play button to hear this message in audio format

ऐसे समय में जबकि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को अब करीब सालभर ही रह गया है, राज्य विधानसभा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बजट 2026-27 पर विधानसभा में चर्चा के दौरान शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब शिक्षामित्रों को 10,000 रुपये की जगह 18,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जबकि अनुदेशकों को 17,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी।

पहले 3,000 से बढ़कर अब 18,000

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले शिक्षामित्रों को मात्र 3,000 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था। अब अप्रैल से यह राशि बढ़ाकर 18,000 रुपये की जा रही है, जबकि अनुदेशकों को 17,000 रुपये दिए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तत्काल भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रित परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

शिक्षा के इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सशक्तीकरण पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक सुधार किए हैं। शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सशक्तीकरण, शिक्षक कल्याण और छात्र सुविधाओं को अभूतपूर्व प्राथमिकता दी गई है। उनका कहना था कि लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता, तकनीक, शोध और कौशल आधारित शिक्षा के जरिए उत्तर प्रदेश को ज्ञान और नवाचार की अग्रणी शक्ति बनाना है।

कस्तूरबा विद्यालयों के लिए 580 करोड़

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए बजट में 580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम विशेष रूप से गरीब, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग की बालिकाओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

अन्य प्रमुख प्रावधान

स्कूल सुरक्षा ऑडिट के बाद अनुरक्षण कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये

सीएम कंपोजिट विद्यालयों के लिए 2,382 करोड़ रुपये

प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने हेतु 300 करोड़ रुपये

बालिकाओं के लिए 300 करोड़ रुपये से सेनेटरी नैपकिन व्यवस्था

शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा

माध्यमिक और उच्च शिक्षा में सुधार

माध्यमिक शिक्षा में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाओं को मजबूत किया गया है। पीएम श्री विद्यालयों के लिए अतिरिक्त भवन निर्माण का भी प्रावधान किया गया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, कौशल विकास, शोध और डिजिटल अवसंरचना को प्राथमिकता दी गई है। नैक मूल्यांकन में प्रदेश के छह राज्य विश्वविद्यालयों को A++ रैंकिंग मिली है। नैक मान्यता प्राप्त संस्थानों की संख्या 95 से बढ़कर 158 हो गई है।

एनआईआरएफ रैंकिंग में शामिल संस्थानों की संख्या 32 से बढ़कर 158 हो गई है। पेटेंट फाइलिंग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जहां पहले संख्या बेहद कम थी, वहीं अब 5,677 पेटेंट दाखिल किए गए हैं, जिनमें से लगभग 350 को मंजूरी मिल चुकी है।

Read More
Next Story