
बिहार SIR: 'संदिग्ध नागरिकता' पर 3 लाख वोटरों को नोटिस, बॉर्डर से सटे ज़िले फोकस में
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान लगभग तीन लाख मतदाता संदिग्ध नागरिकता के दायरे में आए हैं। ये चिन्हित लोग 7.24 करोड़ वोटरों की ड्राफ्ट सूची का हिस्सा हैं, जिसमें उनके दस्तावेज़ों में गड़बड़ी EROs द्वारा नोट की गई। ज़्यादातर मामले सीमा और प्रवासी-प्रधान ज़िलों से रिपोर्ट हुए हैं।
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बताया कि बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब तीन लाख वोटरों को संदिग्ध नागरिकता के चलते नोटिस जारी किए गए हैं। चिन्हित नाम 7.24 करोड़ मतदाताओं की उस ड्राफ्ट सूची का हिस्सा हैं जिसे 1 अगस्त को प्रकाशित किया गया था। पीटीआई के मुताबिक, जिन लोगों पर शक जताया गया है, उनमें से कई के बारे में आशंका है कि वे बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान से हैं।
सबसे पहले दस्तावेज़ों में विसंगतियां निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) द्वारा नोट की गईं, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर जांच हुई और फिर नोटिस जारी किए गए। अधिकतर मामले सीमा से लगे और प्रवासी-बहुल ज़िलों ,पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और सुपौल से सामने आए।
एक चुनाव आयोग (EC) अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि, “अब तक 99.11 प्रतिशत वोटरों ने सत्यापन के लिए दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं।” उन्होंने जोड़ा कि अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी, जो कि संभावित नवंबर विधानसभा चुनावों से पहले होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह वोटर एनरोलमेंट के लिए आधार या 11 निर्दिष्ट दस्तावेज़ों में से किसी को भी स्वीकार करे। वहीं, आयोग ने अदालत से अपनी चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया पर भरोसा जताने की अपील की है।