BJP Rajya Sabha List For Maharashtra : भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी ने महाराष्ट्र से अपने चार उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक एलान कर दिया है। इन नामों में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी जगह मिली है। बीजेपी ने इस चयन में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखा है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया है। उनके साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का नाम भी सूची में शामिल है। बीजेपी ने इस चुनाव के जरिए महाराष्ट्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। पार्टी के इस कदम से विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनाव को देखते हुए यह लिस्ट बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीदवारों के चयन में आगामी विधानसभा चुनावों की झलक भी साफ दिख रही है।
विनोद तावड़े और रामदास अठावले पर भरोसा
बीजेपी ने महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता विनोद तावड़े पर बड़ा दांव खेला है। तावड़े वर्तमान में संगठन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें राज्यसभा भेजकर पार्टी उनके अनुभव का लाभ संसद में उठाना चाहती है। वहीं आरपीआई नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले को फिर से मौका मिला है। अठावले दलित राजनीति का एक बहुत बड़ा और प्रभावी चेहरा माने जाते हैं। एनडीए के गठबंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए उनका चयन जरूरी था। इन दोनों नेताओं की उम्मीदवारी से बीजेपी ने अपने कैडर को बड़ा संदेश दिया है।
आदिवासी महिला चेहरे पर खेला दांव
बीजेपी ने इस लिस्ट में एक बहुत ही चौंकाने वाला नाम शामिल किया है। नागपुर की पूर्व मेयर रहीं मायाताई इवनाते को उम्मीदवार बनाया गया है। मायाताई इवनाते एक प्रभावशाली आदिवासी महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं। उन्हें मौका देकर बीजेपी ने आदिवासी वोट बैंक को साधने की बड़ी कोशिश की है। राजनीति के जानकारों के अनुसार यह बीजेपी का एक 'मास्टरस्ट्रोक' साबित हो सकता है। महिलाओं और आदिवासियों के बीच पार्टी अपनी पैठ और अधिक गहरी करना चाहती है। नागपुर से उनका जुड़ाव होने के कारण संगठन को विदर्भ में मजबूती मिलेगी।
रामराव वडकुते को भी मिली जगह
चौथे उम्मीदवार के तौर पर पार्टी ने रामराव वडकुते के नाम पर मुहर लगाई है। वडकुते धनगर समाज से आते हैं और पिछड़े वर्गों में अच्छी पकड़ रखते हैं। बीजेपी ने उनके जरिए ओबीसी और पिछड़े समुदायों को अपने पाले में लाने की कोशिश की है। महाराष्ट्र की राजनीति में धनगर समाज का वोट बैंक बहुत निर्णायक भूमिका निभाता है। वडकुते को उम्मीदवार बनाना बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग का एक हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी ने इस बार पुराने वफादारों और समाज के प्रभावशाली चेहरों को प्राथमिकता दी है।
महाराष्ट्र की सियासत में मचेगी हलचल
इन चार नामों के एलान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं। बीजेपी ने अपनी इस लिस्ट से सहयोगियों और विरोधियों दोनों को चौंकाया है। विनोद तावड़े की सदन में वापसी से संगठन और सरकार के बीच समन्वय बेहतर होगा। वहीं मायाताई इवनाते का चयन महिला सशक्तिकरण के नारे को मजबूती प्रदान करेगा। रामदास अठावले की उम्मीदवारी दलित वोटों को एकजुट रखने की पार्टी की रणनीति है। अब सबकी नजरें विपक्ष के उम्मीदवारों और आगामी मतदान की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। राज्यसभा की ये सीटें महाराष्ट्र के भविष्य के सियासी समीकरण तय करेंगी।