
बंगाल फतह के लिए BJP का 'सोशल इंजीनियरिंग' दांव, चौथी लिस्ट की जारी
भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 13 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की है, जिसमें सामाजिक संतुलन और जीतने की क्षमता को प्राथमिकता दी गई है। अब तक भाजपा 288 सीटों पर नाम तय कर चुकी है, जिससे बंगाल में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने 13 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी है। इस नई लिस्ट को देखकर साफ है कि पार्टी ने केवल 'चेहरों' पर नहीं, बल्कि 'सामाजिक समीकरणों' और 'जिताऊ फैक्टर' पर दांव खेला है। इस सूची के साथ ही भाजपा ने अब तक कुल 288 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि केवल 6 सीटों पर सस्पेंस बरकरार है।
मतुआ समुदाय को साधने की कोशिश
इस लिस्ट में सबसे चर्चित नाम सोमा ठाकुर का है। उन्हें उत्तर 24 परगना की बागड़ा सीट से मैदान में उतारा गया है। सोमा ठाकुर, केंद्रीय मंत्री और सांसद शांतनु ठाकुर की पत्नी हैं। बागड़ा एक मतुआ बहुल इलाका है, और दक्षिण बंगाल की राजनीति में इस समुदाय का गहरा प्रभाव है। भाजपा का यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी मतुआ वोटों को अपने पाले में पूरी तरह सुरक्षित करना चाहती है।
कांग्रेस के पुराने चेहरे और 'शहरी' पकड़
कोलकाता के शहरी इलाकों में पैठ मजबूत करने के लिए भाजपा ने चौरंगी सीट से संतोष पाठक को टिकट दिया है। संतोष पाठक कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं और 5 बार पार्षद रह चुके हैं। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। पार्टी को उम्मीद है कि पाठक का अनुभव शहरी वोटर्स को लुभाने में मददगार साबित होगा।
IPS देबाशीष धर पर फिर भरोसा
इस सूची का एक और बड़ा नाम पूर्व आईपीएस अधिकारी देबाशीष धर का है, जिन्हें सोनारपुर उत्तर से उम्मीदवार बनाया गया है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें टिकट दिया गया था, लेकिन 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' न मिल पाने के कारण उनका नामांकन रद्द हो गया था। भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताकर यह संदेश दिया है कि वे अनुभवी नौकरशाहों को राजनीति में लाने की अपनी रणनीति (जैसे यूपी में असीम अरुण) को बंगाल में भी दोहराना चाहते हैं।
टिकटों में फेरबदल और नए चेहरे
भाजपा ने अपनी रणनीति को लचीला रखते हुए मयनागुड़ी सीट से अपना उम्मीदवार बदल दिया है। पहले यहाँ से कौशिक रॉय को टिकट दिया गया था, लेकिन अब उनकी जगह दलिम रॉय चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में:
सिताई: आशुतोष बर्मा
नाताबाड़ी: गिरिजा शंकर रॉय
मगराहाट पूर्व: उत्तर कुमार बनिक
फालता: देबांग्शु पांडा
हावड़ा दक्षिण: श्यामल हाथी
पांचला: रंजन कुमार पॉल
चांदीपुर: पीयूषकांती दास
2019 के जोश को दोहराने की तैयारी
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतकर और 2021 में 77 विधायकों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी भाजपा इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। आमतौर पर आखिरी समय में नाम तय करने वाली भाजपा इस बार काफी आक्रामक और तेज दिख रही है। पार्टी का लक्ष्य साफ है ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाकर सत्ता तक पहुंचना।

