
ऑपरेशन क्लीन एयर: दिल्ली में कचरा जलाने पर बड़ी कार्रवाई, 20 मामले दर्ज
CAQM की फ्लाइंग स्क्वाड ने करोल बाग और राजेंद्र नगर में नियमों के उल्लंघन पर एक्शन लिया। खुले में कचरा डंपिंग और जलाने वालों पर आयोग ने सख्ती बढ़ा दी है।
Delhi Air Pollution : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बिगड़ते हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) पूरी तरह से एक्शन मोड में है। रविवार, 1 फरवरी को 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत मध्य दिल्ली के कई इलाकों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान का प्राथमिक उद्देश्य नगर निगम द्वारा कचरा और बायोमास के खुले में डंपिंग और जलाने पर रोक लगाने वाले नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था। CAQM की पांच सदस्यीय फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने करोल बाग और राजेंद्र नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के कुल 20 गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण में मिली बड़ी खामियां
आयोग की फ्लाइंग स्क्वाड टीम को निरीक्षण के दौरान कचरा प्रबंधन में बड़ी लापरवाही देखने को मिली। दर्ज किए गए 20 मामलों में से 2 मामले एमएसडब्ल्यू (MSW) के थे, जबकि 18 मामले कचरा डंपिंग से जुड़े पाए गए। कई स्थानों पर देखा गया कि निर्माण और तोड़फोड़ से निकले मलबे (C&D Waste) को सामान्य कचरे के साथ मिला दिया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का मिश्रित कचरा वायु प्रदूषण बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है। आयोग ने पाया कि कचरे के सही प्रबंधन के अभाव में धूल और जहरीले कण हवा में घुलकर दिल्ली की एयर क्वालिटी को और खराब कर रहे हैं।
इन इलाकों में हुई विशेष कार्रवाई
आयोग से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, फ्लाइंग स्क्वाड ने मध्य दिल्ली के गुरु रविदास मार्ग, पटेल नगर ईस्ट पोस्ट ऑफिस और विष्णु मंदिर मार्ग सहित कई क्षेत्रों का जायजा लिया। इन इलाकों में सड़क के किनारे भारी मात्रा में कचरा जमा पाया गया, जिसके लिए टीम ने तुरंत निर्देश जारी किए। इतना ही नहीं, CAQM की टीमों ने संबंधित एजेंसियों को सख्त हिदायत दी है कि सड़कों के किनारे पड़े इस कचरे को तुरंत उठाकर अधिकृत डंपिंग या प्रोसेसिंग साइट पर शिफ्ट किया जाए। आयोग ने एजेंसियों को कचरा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को मानक नियमों के अनुसार संचालित करने को कहा है।
खुले में कचरा जलाना बना बड़ी चुनौती
CAQM के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने का एक मुख्य कारण रात और सुबह के वक्त चोरी-छिपे कूड़ा जलाना है। अक्सर एजेंसियां या स्थानीय लोग कचरे को अधिकृत स्थान पर फेंकने के बजाय उसे वहीं आग लगा देते हैं। इससे भारी मात्रा में जहरीला धुआं निकलता है, जो स्थानीय स्तर पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को खतरनाक स्तर पर पहुंचा देता है। खुले में डंपिंग और आग लगाना ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के नियमों का सीधा उल्लंघन है। आयोग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह अभियान दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार जारी रहेगा।
दिल्ली में प्रदूषण की वर्तमान स्थिति
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 से 300 के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। आयोग ने स्थानीय निकायों और नागरिकों से अपील की है कि वे प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें। GRAP के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड की टीमों को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों पर तुरंत लगाम लगाई जा सके।
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