जाति के चक्कर में एक लव स्टोरी का दर्दनाक अंत, नोएडा में वैलेंटाइन डे डबल डेथ केस में नया खुलासा
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सुमित और रेखा 10वीं और 12वीं तक साथ पढ़ाई के दौरान दोस्ती गहरे रिश्ते में बदल गई। परिवारों को लंबे समय तक उनकी दोस्ती पर कोई आपत्ति नहीं थी।

जाति के चक्कर में एक लव स्टोरी का दर्दनाक अंत, नोएडा में वैलेंटाइन डे डबल डेथ केस में नया खुलासा

इस मामले की जांच में पता चला है कि सुमित और रेखा की स्कूली दिनों की दोस्ती अफेयर में बदल गई थी, जोकि कई साल तक चली। लेकिन दोनों के रिश्ते में जाति आड़े आ गई। रेखा का परिवार निचली जाति में अपनी लड़की का विवाह करने को राजी नहीं थे।


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वैलेंटाइन डे पर कार के अंदर मिले युवक-युवती के शवों के मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि इस घटना के पीछे जातिगत तनाव एक अहम वजह था।

इस सनसनीखेज घटना में युवक ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका को कार में गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। 14 फरवरी को सेक्टर-39 क्षेत्र में खड़ी एक सफेद टाटा एल्ट्रोज कार से दोनों के शव बरामद हुए।

एक साल पुराना नोट मिला

जांच के दौरान पुलिस को युवक सुमित की लिखावट में एक साल पुराना नोट मिला। इसमें लिखा था- “रेखा से मेरा कोई संबंध नहीं। अगर मैं उसके साथ किसी भी तरह की छेड़खानी कर दूं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई की जाए।”

यह नोट उस समय का बताया जा रहा है जब दोनों के परिवारों को उनके रिश्ते की जानकारी हुई थी और विवाह को लेकर विरोध शुरू हुआ था।

परिवारों को रिश्ते से आपत्ति

पुलिस और परिजनों के मुताबिक, रेखा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। दो प्रमुख कारण सामने आए। पहला ये कि साल 2019 में सड़क हादसे के बाद सुमित का क्रिकेट करियर प्रभावित हो गया था और दूसरा सबसे अहम फैक्टर ये था कि दोनों अलग-अलग जातियों से थे। सुमित वाल्मीकि समाज से था, जबकि रेखा का परिवार कायस्थ समुदाय से संबंधित था।

परिवारों के बीच सीधे टकराव की स्थिति तो नहीं बनी, लेकिन रेखा के परिजनों ने सुमित को घर आने से रोक दिया था। आरोप है कि उसे धमकियां भी दी गईं।

स्कूल से शुरू हुई दोस्ती

दोनों की मुलाकात पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके के एक पब्लिक स्कूल में हुई थी। 10वीं और 12वीं तक साथ पढ़ाई के दौरान दोस्ती गहरे रिश्ते में बदल गई। परिवारों को लंबे समय तक इस रिश्ते पर कोई आपत्ति नहीं थी।

रेखा ने बीकॉम के बाद नोएडा के सेक्टर-62 में नौकरी शुरू की, जबकि सुमित ने अपने पिता की मदद से पानी सप्लाई का व्यवसाय शुरू किया। वह क्रिकेट भी खेलता रहा और अच्छी आमदनी अर्जित कर रहा था। परिजनों का दावा है कि सुमित ने नोएडा में करीब एक करोड़ रुपये का फ्लैट खरीदा था, जिसे वह रेखा को उपहार में देना चाहता था।

2025 में बढ़ा दबाव

परिवार के अनुसार, 2025 की शुरुआत में रेखा के चचेरे भाई ने सुमित को चेतावनी दी थी कि वह रेखा से दूर रहे, अन्यथा उसके खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज कराया जाएगा। कुछ चैट संदेश भी सामने आए हैं, जिनमें सुमित माफी मांगता दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि इसके बाद रेखा ने भी सुमित से संपर्क कम कर दिया था।

घटना से पहले क्या हुआ?

13 फरवरी की दोपहर सुमित घर से कार लेकर निकला। शाम 3:39 बजे उसने रेखा को मैसेज भेजा- “मैं मरने जा रहा हूं।” इसके बाद वह रेखा के ऑफिस पहुंचा और दोनों कार में साथ निकल गए।

शाम तक घर न लौटने पर दोनों परिवारों ने सेक्टर-58 थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

14 फरवरी दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस को सेक्टर-39 में खड़ी कार संदिग्ध हालत में मिली। शीशा तोड़कर अंदर देखा गया तो सुमित ड्राइविंग सीट पर और रेखा बगल की सीट पर मृत मिले। पास में पिस्टल और दो खोखे बरामद हुए।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के सिर में गोली लगी थी। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि युवक ने पहले युवती को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली।

पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। सुमित का अंतिम संस्कार दिल्ली में और रेखा का नोएडा सेक्टर-94 में किया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

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