
2 करोड़ रुपये की उगाही की कोशिश में CBI ने अपने ही इंस्पेक्टर के खिलाफ दर्ज किया केस
सीबीआई के आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर दक्षिण दिल्ली के एक निवासी से उसके खिलाफ दर्ज शिकायत को निपटाने के नाम पर 2 करोड़ रुपये की मांग की थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को अपने ही एक इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोप है कि उसने एजेंसी में कथित तौर पर दर्ज एक शिकायत को “सेटल” कराने के नाम पर दक्षिण दिल्ली के एक निवासी से 2 करोड़ रुपये वसूलने की कोशिश की।
अधिकारियों के मुताबिक यह एफआईआर दक्षिण जिले की पुलिस द्वारा भेजी गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई।
एफआईआर में कहा गया है कि दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) के पत्र के साथ एक शिकायत भेजी गई थी, जो शुभम मिश्रा नामक व्यक्ति ने मैदानगढ़ी थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दीपक फलस्वाल नाम का व्यक्ति 22 जनवरी को भाटी कलां के महाबलीपुरम स्थित उसके घर आया और खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताया।
शिकायत के अनुसार दीपक ने उसे यह कहकर डराया कि उसके खिलाफ सीबीआई में मामला दर्ज हो चुका है और उसे खत्म कराने के लिए 2 करोड़ रुपये देने होंगे।
एफआईआर में कहा गया है कि जब मिश्रा ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उससे 50,000 रुपये ले लिए और बाद में हर महीने 75,000 रुपये देने की मांग करने लगा। वह फेसटाइम कॉल के जरिए लगातार उसे परेशान करता रहा और उसे निर्देश देता रहा कि वह सीधे उसके नंबर पर संपर्क न करे।
शिकायत के मुताबिक यह मामला 9 मार्च को मैदानगढ़ी थाने में दर्ज कराया गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को जानकारी दी कि दीपक की ओर से कोई व्यक्ति पैसे लेने आने वाला है। पुलिस ने एक कानून के छात्र राजा को हिरासत में लिया, जिसने स्वीकार किया कि वह दीपक के कहने पर काम कर रहा था।
अधिकारी के अनुसार उसी रात दीपक खुद फार्महाउस पर पहुंच गया, जिसके बाद उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दीपक ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और शुरुआत में कहा कि वह केवल अपने दोस्त सनी का कर्ज वापस दिलाने में मदद कर रहा था।
हालांकि जब शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए ऑडियो क्लिप उसके सामने रखे गए तो उसने कथित तौर पर अपना बयान बदल दिया।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि दीपक के क्रेडेंशियल्स सीबीआई अधिकारियों से जांचे गए और सही पाए गए। दीपक और सनी दोनों से पूछताछ की गई और बाद में उन्हें आगे की जांच में शामिल होने के निर्देश देकर छोड़ दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि रिकॉर्ड की गई बातचीत वाला एक पेन ड्राइव सबूत के तौर पर जांच एजेंसियों को सौंपा गया है।

