
यूजीसी को लेकर ब्राह्मण प्रबुद्ध समागम में हंगामा, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा को विरोध का सामना करना पड़ा, नारेबाज़ी
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित प्रबुद्ध समागम में यूजीसी के मुद्दे पर न बोलने पर पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को विरोध का सामना करना पड़ा।पूर्व पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने फरसा लहराकर नारे लगाए और ब्राह्मणों की आवाज़ उठाने की बात दोहराई।
शंकराचार्य विवाद और यूजीसी रेग्युलेशन पर चर्चा के बीच लखनऊ में ब्राह्मण समाज के कई संगठन और प्रतिनिधि एक साथ नज़र आए।अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से आयोजित प्रबुद्ध समागम में साधु संत, कई दलों के नेता और प्रतिनिधि पहुंचे।समागम में शंकराचार्य विवाद और यूजीसी(UGC) रेगुलेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा और ब्राह्मण समाज की अनदेखी को लेकर बात हुई जिससे सियासी गर्मी बढ़ गई।यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा के भाषण के दौरान यूजीसी पर न बोलने पर मौजूद लोगों ने हंगामा किया और नारेबाज़ी की।समागम में कहा गया कि ब्राह्मण सम्पूर्ण समाज को दिशा दिखाता है ऐसे में किसी भी तरह से ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अलंकार अग्निहोत्री ने दोनों हाथों से लहराया फरसा-
यूपी में ब्राह्मणों की नाराज़गी और उनको सामाजिक और राजनीतिक रूप से समुचित प्रतिनिधित्व न देने की चर्चा के बीच लखनऊ में प्रबुद्ध समागम का आयोजन किया गया।ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित इस समागम में सभी दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।इसके साथ ही ब्राह्मण संगठन, साधु संत भी मौजूद थे।ब्राह्मणों की अनदेखी का आरोप लगाने वाले और शंकराचार्य और यूजीसी के मुद्दे पर इस्तीफ़ा देने वाले पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी सम्मेलन में पहुँचे और दोनों हाथों से परशुराम भगवान का फरसा लहराकर ब्राह्मण समाज की आवाज़ बनने की बात दोहराई।
सरकार और बीजेपी ब्राह्मणों के साथ : ब्रजेश पाठक-
ख़ास बात यह है कि अलग अलग राजनीतक दलों के नेता इस मंच पर दिखाई पड़े।बीजेपी नेता और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा, पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा, यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे, यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय भी शामिल हुए।यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक कार्यक्रम शुरू होने के बहुत बाद में पहुंचे और भरोसा दिलाया कि सरकार और बीजेपी ब्राह्मण समाज के साथ है।उन्होंने कहा ‘’ब्राह्मण समाज के हितों की चिंता पार्टी और सरकार दोनों कर रही है।हम उनके साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे और सबका साथ। सबका विकास, सबका विश्वास के आधार पर कमा करके प्रदेश को आगे ले जाएगी।’’
यूजीसी पर नहीं बोलने पर पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का विरोध, नारेबाज़ी-
कार्यक्रम में उस समय स्थिति असहज हो गई जब राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा भाषण दे रहे थे।मौजूद भीड़ ने उनको यूजीसी पर न बोलने को वजह से टोका और नारेबाज़ी करने लगे।इसके बाद दिनेश शर्मा अपनी जगह जाकर बैठ गए।हालाँकि यूजीसी मुद्दे पर डॉ दिनेश शर्मा में कहा कि मामला कोर्ट में है इसलिए वो कुछ नहीं कहेंगे।इधर यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय में कहा कि उनकी पार्टी शंकराचार्य के साथ है।समागम में अलग अलग विचार के लोग होने की वजह से कई बार हंगामा हुआ।बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भाषण के दौरान बीजेपी सरकार को ग़ैर सनातनी सरकार बताया और मंदिर और चंदे का जिक्र किया।इसपर आयोजकों ने उनको रोका।इस पर मौजूद भीड़ नाराज हो गई और अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में नारेबाज़ी करने लगी। आयोजन में ब्राह्मण समाज की अनदेखी करने वालों को चेतावनी दी गई।अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा ‘’सवर्ण समाज को मिटाने के लिए यूजीसी एक कुचक्र है इसे पूरा नहीं होने देंगे।कितने भी ब्राह्मण नेता हैं जो इस एक्ट के पास होते समय तलाई बजा रहे थे हमें उनका विरोध करना चाहिए।’’ साथ ही ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की सख्ती पर भी उन्होंने नाराज़गी व्यक्त की।उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली रहा है और UGC का मुद्दा सवर्ण और ख़ास तौर पर ब्राह्मण वोट बैंक को सीधे प्रभावित कर सकता है। UP में ब्राह्मण आबादी करीब 10-11 प्रतिशत है जो कई विधानसभा सीटों पर निर्णायक साबित होती है।2022 विधानसभा चुनावों में ब्राह्मण वोटर्स का समर्थन बीजेपी को मिला था।इस बार ब्राह्मणों को कथित नाराज़गी और शंकराचार्य के मुद्दे को ब्राह्मण समाज की अनदेखी की बात कही जा रही है।ऐसे में यह मुद्दा विपक्ष को ब्राह्मणों को एकजुट करने का मौका दे सकता है।अगर यह टकराव बढ़ा तो 2027 चुनावों में इसका असर दिख सकता है।

