
SC के फैसले के बाद JNU में हंगामा, PM मोदी-अमित शाह के खिलाफ लगे ‘कब्र खुदेगी’ के नारे
Supreme Court के फैसले के बाद कैंपस में कुछ छात्र संगठनों की तरफ से जमकर नारेबाजी की गई। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
JNU protests: सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला और देश के सबसे चर्चित कैंपस में उबाल। साल 2020 दिल्ली दंगा मामले में कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न देने के बाद जेएनयू में माहौल अचानक गरमा गया। नारेबाजी, विरोध प्रदर्शन और वायरल होते वीडियो ने इस कानूनी फैसले को सियासी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब सवाल यह है कि क्या कैंपस की राजनीति फिर देश की राजनीति को चुनौती देने लगी है?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कैंपस में कुछ छात्र संगठनों की तरफ से जमकर नारेबाजी की गई। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में कुछ छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। वायरल हुए 35 सेकंड के वीडियो में 'मोदी-शाह की कब्र खुदेगी जेएनयू की धरती पर' जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं. इन नारों को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। यह प्रदर्शन कोर्ट के एक हालिया फैसले और 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था. फिलहाल दिल्ली पुलिस को इस मामले में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है.
बीजेपी ने जताई कड़ी आपत्ति
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस नारेबाजी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत न मिलने के बाद जेएनयू में इस तरह के नारे लगाए गए, जो बेहद गंभीर और देश विरोधी सोच को दिखाते हैं। पूनावाला ने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप हैं और जिन्हें कोर्ट ने फिलहाल राहत नहीं दी है, उनके समर्थन में देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धमकी जैसे नारे लगाना निंदनीय है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के खिलाफ बताया।
एबीवीपी का बयान
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उपाध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा कि जेएनयू में इस तरह की नारेबाजी अब आम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी और आरएसएस के खिलाफ भी ऐसे नारे लगाए गए, जो करोड़ों कार्यकर्ताओं का अपमान है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और कोर्ट का आदेश सही दिशा में है।
कपिल मिश्रा का बयान
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि सांपों के फ़न कुचले जा रहें हैं, सपोलें बिलबिला रहें हैं. JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारें लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहें हैं, आतंकी निपटाए जा रहें हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है.
शिक्षा मंत्री ने भी की निंदा
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जेएनयू में हुई नारेबाजी को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ इस तरह के नारे लगाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश के खिलाफ जाकर धमकी देना गलत है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जरूरत है।
क्या है पूरा मामला
उमर खालिद और शरजील इमाम 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में आरोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर उन्हें राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट के इसी फैसले के बाद जेएनयू कैंपस में विरोध-प्रदर्शन हुआ।

