
सीजे रॉय केस: पुलिस को मिली निजी डायरी, कई नाम जांच के घेरे में
सीजे रॉय आत्महत्या मामले की जांच में पुलिस को निजी डायरी मिली है, जिसमें अभिनेता, मॉडल और नेताओं के नाम दर्ज हैं। SIT जांच कर रही है।
C J Roy Death Case: बेंगलुरु में शुक्रवार (30 जनवरी) को रियल एस्टेट कारोबारी सीजे रॉय की उनके कार्यालय में कथित आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान पुलिस को उनकी निजी डायरी सहित कई अहम दस्तावेज मिले हैं। कन्फिडेंट ग्रुप के कार्यालय में तलाशी अभियान के दौरान मिली इस डायरी में कई प्रमुख अभिनेता, अभिनेत्रियों, मॉडल्स और प्रभावशाली राजनेताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, रॉय अपने कारोबार के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में इन अभिनेत्रियों और मॉडल्स को आमंत्रित किया करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन नामों को डायरी में क्यों लिखा गया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “रॉय के कई कार्यक्रम प्रस्तावित थे और संभव है कि उन्होंने इन वीआईपी लोगों को आमंत्रित करने के लिए नाम सूचीबद्ध किए हों। हालांकि, विशेष जांच दल (एसआईटी) इस पूरे मामले की जांच करेगा।”
इस बीच, शनिवार (31 जनवरी) को कन्फिडेंट ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर टी. ए. जोसेफ की शिकायत पर बेंगलुरु के अशोकनगर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। यह शिकायत रॉय की मौत के एक दिन बाद दर्ज कराई गई। हालांकि, इस एफआईआर में आयकर (आई-टी) विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है, जबकि यह घटना आई-टी छापे के दौरान हुई थी और बताया जा रहा है कि रॉय लगातार जांच के चलते तनाव में थे।
उस दिन क्या हुआ था?
घटना वाले दिन 57 वर्षीय कारोबारी सीजे रॉय, आई-टी अधिकारियों के सामने बयान देने के लिए अपने सहयोगी टी. ए. जोसेफ के साथ रिचमंड सर्कल के पास लैंगफोर्ड रोड स्थित कार्यालय पहुंचे थे। वहां उनसे कुछ समय तक पूछताछ की गई। शिकायत के अनुसार, पूछताछ कर रहे अधिकारियों ने रॉय का मोबाइल फोन अपने पास ले लिया था।
बीच में रॉय ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उन्हें फोन वापस दे दिया जाए, क्योंकि वह अपनी मां से बात करना चाहते थे। इसके बाद वह अपने केबिन में चले गए। बताया गया कि केबिन में जाने के बाद उन्होंने सुरक्षा गार्ड से कुछ समय तक किसी को अंदर न आने देने को कहा और खुद को भीतर से बंद कर लिया।
जोसेफ भी कुछ समय तक रॉय के साथ केबिन में मौजूद थे। उनके बाहर जाने के बाद सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रॉय के अकेले रहने के फैसले की जानकारी दी। लेकिन जब काफी समय बीत गया और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो संदेह गहराया। जोसेफ ने केबिन का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया।
अंदर रॉय अपनी कुर्सी पर पड़े मिले, उनके सीने में गोलियों के घाव थे, जो उनकी अपनी लाइसेंसी बंदूक से लगे थे। तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और कन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन को बेंगलुरु के एचएसआर लेआउट स्थित नारायणा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
आई-टी अधिकारियों पर सीधे आरोप नहीं: पुलिस
जहां कारोबारी के परिवार ने आरोप लगाया है कि आयकर अधिकारियों के लगातार दबाव के कारण रॉय ने इतना बड़ा कदम उठाया, वहीं बेंगलुरु पुलिस सूत्रों का कहना है कि दर्ज कराई गई शिकायत में अधिकारियों पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।
शिकायत में जोसेफ ने पुलिस से मौत की गहन जांच करने का अनुरोध किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी। इसके अलावा, रॉय की डायरी को भी सुराग के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और उसमें दर्ज नामों के साथ उनके कारोबारी या निजी संबंधों को समझने की कोशिश की जा रही है। जांच के दौरान और लोगों से पूछताछ किए जाने की संभावना है।
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने गृह मंत्री से की मुलाकात
शनिवार सुबह बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह ने कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने उन आयकर अधिकारियों से संबंधित सूचनाएं जुटाने पर भी चर्चा की, जो उस समय मौजूद थे जब रॉय की मौत हुई।
इस बीच, रॉय के भाई और व्हाइटगोल्ड कंपनी के मालिक बाबू जोसेफ ने आयकर अधिकारियों पर उनके भाई की मौत का आरोप लगाया है। बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, मेरे भाई को कारोबार में कोई समस्या नहीं थी। शुक्रवार सुबह 11 बजे मेरी उनसे बात हुई थी और सब कुछ सामान्य लग रहा था। उन्होंने विशेष रूप से आयकर विभाग के एक अधिकारी कृष्णप्रसाद पर रॉय की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।
(यह लेख सबसे पहले द फेडरल कर्नाटक में प्रकाशित हुआ था।)

