CM Rekha Gupta On Her One Year Of Governance : दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपना एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस अवसर पर शुक्रवार, 20 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपने कार्यकाल को पूरी तरह से सफल बताया। उनके साथ कैबिनेट मंत्री परवेश सिंह, आशीष सूद, मंजिंदर सिरसा, रविंदर इंद्राज, कपिल मिश्रा और पंकज सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के एक साल के कार्यों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड साझा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार सिर्फ वादों की सरकार नहीं है। बल्कि उनकी सरकार ने धरातल पर काम करके दिखाया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली को ठहराव से समाधान की ओर ले जाने की सफल कोशिश की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारी सरकार ने कागज कम घिसे और काम ज्यादा किया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान का कवच
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना दिल्ली के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना को मंजूरी मिलने के बाद अब तक 7 लाख लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इनमें से 30 हजार से ज्यादा लाभार्थी मुफ्त इलाज का लाभ ले चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। सरकार ने HIMS का डिजिटलीकरण करते हुए 1 लाख एडवांस ABHA कार्ड सिस्टम से जोड़े हैं। मुख्यमंत्री ने एक बड़ा बदलाव नर्सिंग इंटर्न के मानदेय में किया है। पहले उन्हें मात्र 500 रुपये मिलते थे। अब हमारी सरकार उन्हें 13000 रुपये प्रति माह दे रही है।
शिक्षा और खेल में युवाओं को प्रोत्साहन
शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुधारों का जिक्र करते हुए सीएम ने बड़ी जानकारी दी। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 7 हजार स्मार्ट क्लासेज बनाने का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत खिलाड़ियों को बड़ी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने जिसे रोक रखा था, वह 44 करोड़ की स्कॉलरशिप छात्रों को बांट दी गई है। सरकार का लक्ष्य शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। इसके लिए बजट का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है।
गरीबों के लिए अटल कैंटीन और पक्के मकान
गरीबों के कल्याण के लिए सरकार ने 'अटल कैंटीन' की शुरुआत की है। दिल्ली में ऐसी 70 कैंटीन सफलतापूर्वक चल रही हैं। यहां प्रतिदिन करीब 70 हजार लोग बहुत ही सस्ती दर पर भोजन कर रहे हैं। झुग्गी बस्तियों के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया गया है। 13 हजार फ्लैट्स का रेनोवेशन अंतिम चरण में है। इन्हें जल्द ही झुग्गीवासियों को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली में मजदूरों को 22,411 रुपये की न्यूनतम मजदूरी दी जा रही है। यह राशि पूरे देश में सबसे ज्यादा है। श्रमिक महिलाओं के लिए 500 पालना केंद्र खोले गए हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और जल निकासी का मास्टर प्लान
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में पिछले एक साल में रिकॉर्ड काम हुआ है। 13 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन और 172 किलोमीटर नई बिजली लाइन बिछाई गई है। 180 किलोमीटर सीवर लाइन डाली गई और 110 किलोमीटर पुरानी लाइनों की मरम्मत की गई है। नंदनगरी फ्लाईओवर जनता को समर्पित किया जा चुका है। बारापूला फ्लाईओवर जून तक शुरू करने की तैयारी है। दिल्ली को जलभराव से मुक्त करने के लिए 56 हजार करोड़ का ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार है। शहर के 72 जलभराव वाले हॉटस्पॉट्स की पहचान कर वहां सुधार कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।
पर्यावरण और प्रदूषण पर कड़ा प्रहार
यमुना की सफाई के लिए 37 एसटीपी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने ‘नो PUC, नो फ्यूल’ अभियान शुरू किया है। कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए बायो-माइनिंग की जा रही है। 3000 TPD क्षमता के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट पर भी काम जारी है। पर्यावरण सुधार के तहत 35 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 4200 हेक्टेयर जमीन को फॉरेस्ट एरिया घोषित करने की योजना है। व्यापार को सुगम बनाने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया से पुलिस को अलग किया गया है। इससे दिल्ली में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलेगा।
विपक्ष ने बताया फर्जीकाल
दिल्ली सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के पिछले एक साल के कार्यकाल को 'फर्जीवाड़े का साल' करार दिया। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी 2025 को बनी इस सरकार ने दिल्ली की जनता को केवल बड़े सपने दिखाए और फिर उन्हें धोखा दिया। सिसोदिया ने जोर देकर कहा कि हम यह नहीं कहते कि एक साल में सब कुछ बदल जाना चाहिए था। लेकिन पिछले एक साल में दिल्ली के लोगों ने जो फर्जीवाड़ा देखा है, उसे एक्सपोज करना बेहद जरूरी है।
सिसोदिया ने सबसे पहला प्रहार दिल्ली की महिलाओं से किए गए वादों पर किया। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की महिलाओं को एक बड़ी गारंटी दी थी। उन्होंने अपनी रैलियों में वादा किया था कि 8 मार्च 2025 से हर महिला के खाते में 2500 रुपये आने लगेंगे। प्रधानमंत्री ने खुद कहा था कि यह 'मोदी की गारंटी' है और वह 8 मार्च को 9 मार्च नहीं होने देंगे। लेकिन आज अप्रैल, मई और जून बीतते हुए पूरा साल निकल गया है। रेखा गुप्ता की सरकार के मुंह से इस गारंटी पर एक शब्द नहीं निकल रहा है। दिल्ली की महिलाएं आज भी अपने खातों में पैसे आने का इंतजार कर रही हैं।