CM बोले 4, मेयर ने गिने 7 और लोग कह रहे 13… इंदौर में मौतों का क्या है सच?
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CM बोले 4, मेयर ने गिने 7 और लोग कह रहे 13… इंदौर में मौतों का क्या है सच?

Indore Water Crisis: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में करीब एक हफ्ते पहले डायरिया और उल्टी के कई मामले सामने आए थे।


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MP News Today: नल से पानी नहीं, ज़हर निकला और एक-एक कर जिंदगियां बुझती चली गईं। इंदौर का भागीरथपुरा आज सवाल भी पूछ रहा है कि मरने वालों की संख्या क्या 4 है, 7 है या फिर 13? जब गिनती ही साफ नहीं तो जिम्मेदारी किसकी है? दूषित पानी ने सिर्फ लोगों को बीमार ही नहीं किया, सिस्टम की सच्चाई भी उजागर कर दी है।

इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों की संख्या को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई। लोग और अधिकारी अलग-अलग आंकड़े बता रहे हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि इस घटना में 4 लोगों की मौत हुई है। वहीं, इंदौर के मेयर ने 7 मौतों की पुष्टि की। दूसरी तरफ स्थानीय लोगों का दावा है कि अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है।

भागीरथपुरा इलाके में फैली बीमारी

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में करीब एक हफ्ते पहले डायरिया और उल्टी के कई मामले सामने आए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस बीमारी से 6 महीने के एक बच्चे समेत 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, प्रशासन ने अब तक सिर्फ 4 मौतों को ही आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है।

नेताओं के अलग-अलग बयान

बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और कहा कि मौतों की संख्या 4 है। कुछ घंटों बाद इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 7 लोगों की मौत होने की बात कही। इन अलग-अलग बयानों की वजह से लोगों के बीच भ्रम बना हुआ है कि असल में कितनी मौतें हुई हैं।

दूषित पानी कैसे फैला?

प्रशासनिक अधिकारियों ने शुरुआती जांच में बताया कि पाइपलाइन में लीकेज होने की वजह से नाले का गंदा पानी पीने के पानी की लाइन में मिल गया। इसी कारण इलाके में डायरिया और उल्टी की बीमारी फैल गई।

कितने लोग हुए बीमार?

भागीरथपुरा इलाका प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र (इंदौर-1) में आता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस बीमारी से 1400 से 1500 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से करीब 200 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि सभी मरीज अब खतरे से बाहर हैं और हालत सुधरने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है।

मौतों के आंकड़ों पर क्या बोले मंत्री?

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें 4 मौतों की जानकारी दी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर 8 से 9 मौतों की खबर भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों की जांच की जाएगी और अगर ज्यादा मौतों की पुष्टि होती है तो मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी।

पानी की सप्लाई बहाल

इस बीच अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने भी अधिकारियों के साथ भागीरथपुरा इलाके का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि पाइपलाइन की मरम्मत के बाद गुरुवार से पानी की सप्लाई फिर शुरू कर दी गई है। साथ ही, घर-घर से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी अब सुरक्षित है।

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