
Sambhal: सीजेएम विभांशु सुधीर का अचानक तबादला, कांग्रेस बोली—यह तानाशाही है
UP Politics: संभल हिंसा मामले में 9 जनवरी को विभांशु सुधीर ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद उनका तबादला कर दिया गया।
Sambhal CJM: यूपी के संभल में विवाद सिर्फ एक ट्रांसफर तक सीमित नहीं है। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या राजनीतिक दबाव अब हमारे कानून और न्यायपालिका की आजादी तक पहुंच गया है? संभल से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट तक इस घटना की गूंज सुनाई दे रही है। संभल केमुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर के अचानक तबादले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। हाल ही में विभांशु सुधीर का तबादला तब किया गया था, जब उन्होंने संभल में हुई हिंसा मामले में तत्कालीन सर्किल अफसर अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट को इस मामले पर स्वयं संज्ञान लेना चाहिए। उनका कहना है कि इससे देश में कानून का शासन, संस्थाओं की स्वायत्ता और लोकतंत्र बनाए रखने में मदद मिलेगी। खेड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक फायदे के लिए न्यायपालिका पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि तबादलों को हथियार बनाकर न्यायपालिका की आजादी को नियंत्रित करने वाला तानाशाही एजेंडा लागू करने की कोशिश की जा रही है।
वकीलों ने किया विरोध
संभल में सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले के खिलाफ स्थानीय वकीलों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि यह कदम न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने वाला है। कांग्रेस की नाराजगी भी इसी विरोध के बाद सामने आई।
विवाद का कारण
संभल हिंसा मामले में 9 जनवरी को विभांशु सुधीर ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद उनका तबादला कर दिया गया। पवन खेड़ा ने कहा कि विभांशु सुधीर का ट्रांसफर आगरा से संभल में 18 सितंबर 2025 को हुआ था। चार महीने के भीतर उनका यह ट्रांसफर न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि राजनीतिक हस्तक्षेप और संस्थागत दबाव की ओर इशारा करता है। उन्होंने आगे कहा कि यह अचानक ट्रांसफर कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला है। भाजपा ने एक खतरनाक रणनीति अपनाई है—सांप्रदायिक तनाव पैदा करो, सरकारी हिंसा फैलाओ, अपराधियों को बचाओ और जवाबदेही मांगने वालों को दबाओ। संभल इस रणनीति का नया शिकार है।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट से अपील
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट से अपील करती है कि वे विभांशु सुधीर के मनमाने और परेशान करने वाले ट्रांसफर का स्वयं संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी के ट्रांसफर से कहीं बड़ा है। यह न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संवैधानिक संतुलन पर हमला है।

