
कांशीराम जयंती पर कांग्रेस का सम्मेलन-राहुल गांधी का दावा 'नेहरू होते तो कांशीराम कांग्रेस सीएम होते’
राहुल गांधी ने दलित वोटरों को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि नेहरू जी होते तो कांशीराम मुख्यमंत्री होते।राहुल के मंच पर कांशीराम को 'भारत रत्न’ देने की माँग का प्रस्ताव पास किया गया।
Congress celebrates Kanshiram Jayanti, Rahul Gandhi claims ' Nehru would’ve made him Congress CM’ : यूपी में कांग्रेस ने दलित वोटरों को बड़ा संदेश दिया है।कांग्रेस ने कांशीराम की जयंती से दो दिन पहले 'सामाजिक परिवर्तन दिवस’ मनाया।इस मौके पर राहुल गांधी पीएम मोदी और बीजेपी पर जमकर गरजे और कांशीराम के मिशन को आगे ले जाने और बहुजन समाज को भागीदारी देने की बात की।साथ ही दलित वोटरों को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि नेहरू जी होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते।राहुल गांधी की मौजूदगी में कांशीराम को भारत रत्न देने की माँग उठाते हुए प्रस्ताव पास किया गया।
बीजेपी ने समाज को बांटा, सारा लाभ 15 प्रतिशत लोगों को-
बीएसपी संस्थापक और बहुजन समाज के नायक कांशीराम की विरासत पर अब कांग्रेस ने भी दावा किया है।15 मार्च को कांशीराम की जयंती है और इससे दो दिन पहले ही कांग्रेस ने ‘सामाजिक परिवर्तन दिवस’ मनाकर दलित वोटरों को बड़ा संदेश दिया है।आयोजन को संविधान सम्मेलन के रूप में मनाया गया।कार्यक्रम में पहुंचे लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने न सिर्फ़ बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा बल्कि कांशीराम को याद करते हुए कई बातें कहीं।राहुल गांधी ने कांशीराम की ‘संख्या के हिसाब से भागीदारी’ के नारे को दोहराया।कांशीराम की स्टाइल में पेन से अपनी बात समझाते हुए राहुल गांधी ने बहुजन समाज को भागीदारी देने की बात की।उन्होंने कहा कि बीजेपी ने समाज को बांट दिया है और सारा लाभ सिर्फ़ 15 प्रतिशत लोगों को ही मिल रहा है।
नेहरू जी होते तो कांशीराम कांग्रेस के सीएम होते-
राहुल गांधी ने दलित वोटरों को बड़ा संदेश देते हुए दावा किया कि अगर नेहरू जी होते(कांशीराम के समय) तो कांशीराम कांग्रेस के चीफ मिनिस्टर होते।ख़ास बात यह है कि कांशीराम की बात करते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस की कमी का जिक्र भी कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि 'कांग्रेस ने अगर अपना काम ठीक से किया होता तो कांशीराम कभी सफल नहीं होते।’ राहुल गांधी ने कहा कि अंबेडकर हों या कांशीराम उन्होंने कभी भी 'कॉम्प्रोमाइज’ नहीं किया।संविधान की प्रति दिखाते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'मोदी संविधान की विचारधारा को नहीं मानते।जितने दलित महापुरुष हुए हैं उनकी आवाज़ इसमें है, सावरकर और गोडसे की आवाज़ नहीं है।’
राहुल की मौजूदगी में कांशीराम की भारत रत्न देने को माँग का प्रस्ताव पास-
2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान बदलने के नैरेटिव को बड़ा मुद्दा बनाकर सपा के साथ गठबंधन में सफलता हासिल करने वाले राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दोहराया।राहुल की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांशीराम को भारत रत्न देने की माँग उठाई और प्रस्ताव भी पास किया।कांग्रेसियों ने नया नारा दिया, 'कांशीराम का मिशन अधूरा, राहुल गांधी करेंगे पूरा।’ कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी कहते हैं कि ''मायावती जी में कांशीराम जी की जयंती तो मनाई पर उनके आदर्शों पर चलने की कोशिश नहीं की।दलित सबसे ज़्यादा पीड़ित बीजेपी के शासन में हैं।अब कांग्रेस पार्टी कांशीराम की मुहिम को आगे बढ़ाएगी और कांशीराम को भारत रत्न देने के माँग भी कांग्रेस मज़बूती से उठाएगी।’’
अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं मोदी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ''पीएम मोदी ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर लिया है। मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं।वो भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे बल्कि अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं’’ राहुल गांधी ने अमेरिका से व्यापार समझौते पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कहा कि ''भारत अमेरिका से सवा नौ लाख रुपए का सामान ख़रीदेगा।अगर हम इतना अमेरिका से ख़रीदेंगे तो हमारा किसान कहाँ जाएगा?’’
दरअसल विधानसभा चुनाव से पहले सभी दलों की नज़र दलित वोटों पर है।लोकसभा चुनाव में संविधान बदलने को मुद्दा बनाकर सपा-कांग्रेस गठबंधन ने सफलता हासिल की थी।समाजवादी पार्टी एक बार फिर PDA के नारे के ज़रिए दलित वोटों को साधने की कोशिश कर रही है और अखिलेश यादव भी कांशीराम जयंती पर यूपी के हर ज़िले में आयोजन का ऐलान कर चुके हैं।वहीं बीएसपी भी इस दिन कांशीराम को याद करते हुए उनकी विरासत पर अपना पुराना दावा दोहराएगी।ऐसे में कांशीराम जयंती पर राहुल गांधी के आयोजन को दलित वोटरों को साधने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।

